रासायनिक तत्व · संदर्भ पृष्ठ
64Gd

गैडोलिनियम

गैडोलिनियम परमाणु क्रमांक 64 और प्रतीक Gd वाला रासायनिक तत्व है। यह आवर्त 6, समूह —, f-ब्लॉक में स्थित है। कमरे के तापमान पर इसकी संदर्भ अवस्था ठोस है और इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास [Xe] 4f7 5d1 6s2 है।

परमाणु क्रमांक64
मानक परमाणु भार157.249(2)
समूह—
आवर्त6
ब्लॉकf
इलेक्ट्रॉन विन्यास[Xe] 4f7 5d1 6s2
इलेक्ट्रॉनिक संरचना

इसकी रसायनिकी को क्या नियंत्रित करता है?

गैडोलिनियम लैंथेनाइड श्रेणी का तत्व है, जिसमें 4f उपकक्षा क्रमशः भरती है। +3 ऑक्सीकरण अवस्था सामान्य होती है और f इलेक्ट्रॉनों के कारण कई लैंथेनाइड विशिष्ट चुंबकीय तथा वर्णक्रमीय गुण दिखाते हैं।

गैडोलिनियम का इलेक्ट्रॉन विन्यास [Xe] 4f7 5d1 6s2 है। 4f इलेक्ट्रॉन बाहरी इलेक्ट्रॉनों से काफी हद तक आच्छादित रहते हैं, इसलिए पड़ोसी लैंथेनाइडों की रसायनिकी बहुत समान होती है, जबकि आयनिक त्रिज्या और सूक्ष्म इलेक्ट्रॉनिक अंतर उनके पृथक्करण तथा प्रकाशीय गुणों को प्रभावित करते हैं।

रासायनिक रूप

यौगिक, आयन और पदार्थ

गैडोलिनियम सामान्यतः +3 अवस्था वाले आयनिक यौगिक, ऑक्साइड, हैलाइड और समन्वय यौगिक बनाता है। लैंथेनाइडों के समान आकार और आवेश के कारण उनके यौगिकों की रसायनिकी मिलती-जुलती है, फिर भी 4f इलेक्ट्रॉन प्रकाशीय और चुंबकीय अंतर उत्पन्न कर सकते हैं।

भौतिक व्यवहार

अवस्था और अवस्था परिवर्तन

कमरे के तापमान पर संदर्भ अवस्था ठोस है। सूचीबद्ध घनत्व 7.9 g/cm³ है। गलनांक 1 591 K (1 318 °C) है। क्वथनांक 3 273 K (3 000 °C) है। दाब, शुद्धता, क्रिस्टलीय संरचना और अपररूप मापे गए मानों को बदल सकते हैं, इसलिए भौतिक आँकड़ों के साथ मापन की परिस्थितियाँ भी महत्वपूर्ण होती हैं।

उपस्थिति और उपयोग

गैडोलिनियम कहाँ मिलता है और कैसे उपयोग होता है?

व्यवहार में गैडोलिनियम चिकित्सीय इमेजिंग उपकरण, नाभिकीय रिएक्टर और चुंबक जैसे क्षेत्रों में मिलता है। उपयोग की वास्तविक वजह शुद्ध तत्व, मिश्रधातु, यौगिक या किसी विशिष्ट समस्थानिक के गुण हो सकते हैं, इसलिए अनुप्रयोग समझते समय रासायनिक रूप को पहचानना जरूरी है।

व्यावहारिक उदाहरण

वास्तविक उपयोगों के उदाहरण

चिकित्सीय इमेजिंग उपकरण

गैडोलिनियम वाले पदार्थ चिकित्सा इमेजिंग में डिटेक्टर, कंट्रास्ट, चुंबकीय घटक या विकिरण-संबंधी सामग्री के रूप में उपयोग हो सकते हैं।

नाभिकीय रिएक्टर

गैडोलिनियम रिएक्टरों में ईंधन, न्यूट्रॉन अवशोषक, संरचनात्मक पदार्थ, शीतलक या संबंधित रासायनिक प्रक्रिया के रूप में भूमिका निभा सकता है।

चुंबक

गैडोलिनियम का उपयोग ऐसे चुंबकीय पदार्थों में किया जाता है जहाँ मजबूत, स्थिर या उच्च तापमान सहने वाला चुंबकत्व चाहिए।

आवर्त स्थिति

पड़ोसी तत्व क्या बताते हैं?

गैडोलिनियम आवर्त 6 की f-ब्लॉक लैंथेनाइड श्रेणी में है। यहाँ दिखाए गए समेरियम और यूरोपियम जैसे पड़ोसी तत्वों से तुलना करके आयनिक आकार, इलेक्ट्रॉन विन्यास और चुंबकीय या प्रकाशीय गुणों में क्रमिक परिवर्तन समझे जा सकते हैं।

संदर्भ आँकड़े

भौतिक और परमाणवीय गुण

वर्गीकरणलैंथेनाइड
कमरे के तापमान पर अवस्थाठोस
इलेक्ट्रॉन आवरण2 · 8 · 18 · 25 · 9 · 2
घनत्व7.9 g/cm³
गलनांक1 591 K (1 318 °C)
क्वथनांक3 273 K (3 000 °C)
पॉलिंग विद्युतऋणात्मकता1.2
प्रथम आयनीकरण ऊर्जा593.4 kJ/mol
इलेक्ट्रॉन बंधुता13.22 kJ/mol

जहाँ लागू हो, ये मान तत्व या उदासीन परमाणु का वर्णन करते हैं। भौतिक आँकड़े अपररूप, दाब, शुद्धता और मापन की परिस्थितियों पर निर्भर कर सकते हैं।

इतिहास

खोज और पहचान

गैडोलिनियम की खोज या पहचान का इतिहास Jean Charles Galissard de Marignac से जुड़ा है। किसी तत्व की पहली पहचान, शुद्ध नमूने का पृथक्करण और आधुनिक परमाणु क्रमांक का निर्धारण हमेशा एक ही समय पर नहीं हुआ।

समस्थानिक और परमाणु भार

समस्थानिक संरचना संख्याओं को कैसे बदलती है?

गैडोलिनियम का मानक परमाणु भार 157.249(2) है। यह प्राकृतिक स्थलीय पदार्थ में समस्थानिक संरचना का भारित औसत है, किसी एक परमाणु का द्रव्यमान नहीं।

गैडोलिनियम के समस्थानिकों में प्रोटॉन संख्या समान रहती है, इसलिए वे एक ही तत्व हैं, लेकिन न्यूट्रॉन संख्या और परमाणु द्रव्यमान अलग होते हैं। प्राकृतिक समस्थानिक अनुपात मानक परमाणु भार को प्रभावित कर सकता है।

सुरक्षा

संचालन और संपर्क

गैडोलिनियम से जुड़े जोखिम उसके रासायनिक रूप, मात्रा और संपर्क मार्ग पर निर्भर करते हैं। शुद्ध तत्व, उसके आयन और यौगिकों के जैविक तथा पर्यावरणीय प्रभाव अलग हो सकते हैं, इसलिए वास्तविक पदार्थ की सुरक्षा जानकारी देखना आवश्यक है।