गुब्बारे
हीलियम ज्वलनशील न होते हुए उत्थापन देता है, इसलिए अनेक गुब्बारों और वायुपोतों में हाइड्रोजन से अधिक सुरक्षित विकल्प है।
हीलियम परमाणु क्रमांक 2 और प्रतीक He वाला रासायनिक तत्व है। यह आवर्त 1, समूह 18, s-ब्लॉक में स्थित है। कमरे के तापमान पर इसकी संदर्भ अवस्था गैस है और इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास 1s2 है।
हीलियम का संयोजक आवरण पूर्ण या लगभग पूर्ण है, इसलिए यह अधिकांश तत्वों की तुलना में कम अभिक्रियाशील होता है। भारी उत्कृष्ट गैसें उपयुक्त परिस्थितियों में कुछ यौगिक बना सकती हैं, लेकिन उनकी रसायनिकी सीमित रहती है।
हीलियम का इलेक्ट्रॉन विन्यास 1s2 है। समूह 18 की स्थिति कम रासायनिक अभिक्रियाशीलता को समझने का पहला संकेत देती है, हालांकि अति-भारी तत्वों में सापेक्षिक प्रभाव महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
हीलियम सामान्यतः स्वतंत्र परमाणुओं के रूप में पाया जाता है और इसकी अभिक्रियाशीलता कम होती है। भारी उत्कृष्ट गैसें अत्यधिक विद्युतऋणात्मक तत्वों के साथ सीमित संख्या में यौगिक बना सकती हैं।
कमरे के तापमान पर संदर्भ अवस्था गैस है। सूचीबद्ध घनत्व 0.1786 g/L है। गलनांक — है। क्वथनांक 4.222 K (-268.9 °C) है। दाब, शुद्धता, क्रिस्टलीय संरचना और अपररूप मापे गए मानों को बदल सकते हैं, इसलिए भौतिक आँकड़ों के साथ मापन की परिस्थितियाँ भी महत्वपूर्ण होती हैं।
व्यवहार में हीलियम गुब्बारे, चिकित्सीय इमेजिंग उपकरण और अतिनिम्न ताप प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में मिलता है। उपयोग की वास्तविक वजह शुद्ध तत्व, मिश्रधातु, यौगिक या किसी विशिष्ट समस्थानिक के गुण हो सकते हैं, इसलिए अनुप्रयोग समझते समय रासायनिक रूप को पहचानना जरूरी है।
हीलियम ज्वलनशील न होते हुए उत्थापन देता है, इसलिए अनेक गुब्बारों और वायुपोतों में हाइड्रोजन से अधिक सुरक्षित विकल्प है।
हीलियम वाले पदार्थ चिकित्सा इमेजिंग में डिटेक्टर, कंट्रास्ट, चुंबकीय घटक या विकिरण-संबंधी सामग्री के रूप में उपयोग हो सकते हैं।
हीलियम का उपयोग अत्यंत निम्न तापमान पर शीतलक या कार्य-द्रव के रूप में किया जाता है, जहाँ इसके निम्न-ताप गुण उपयोगी होते हैं।
हीलियम आवर्त 1 और समूह 18 में स्थित है। इसके आसपास फ्लोरीन, निऑन जैसे वास्तविक पड़ोसी तत्व हैं। इनसे तुलना करके परमाणु आकार, आयनीकरण ऊर्जा, बंधन और अभिक्रियाशीलता के आवर्ती रुझानों को सीधे देखा जा सकता है।
जहाँ लागू हो, ये मान तत्व या उदासीन परमाणु का वर्णन करते हैं। भौतिक आँकड़े अपररूप, दाब, शुद्धता और मापन की परिस्थितियों पर निर्भर कर सकते हैं।
हीलियम की खोज या पहचान का इतिहास Pierre Janssen से जुड़ा है। किसी तत्व की पहली पहचान, शुद्ध नमूने का पृथक्करण और आधुनिक परमाणु क्रमांक का निर्धारण हमेशा एक ही समय पर नहीं हुआ।
हीलियम का मानक परमाणु भार 4.002602(2) है। यह प्राकृतिक स्थलीय पदार्थ में समस्थानिक संरचना का भारित औसत है, किसी एक परमाणु का द्रव्यमान नहीं।
हीलियम के समस्थानिकों में प्रोटॉन संख्या समान रहती है, इसलिए वे एक ही तत्व हैं, लेकिन न्यूट्रॉन संख्या और परमाणु द्रव्यमान अलग होते हैं। प्राकृतिक समस्थानिक अनुपात मानक परमाणु भार को प्रभावित कर सकता है।
हीलियम और उसके कुछ यौगिक विषैले हो सकते हैं। जोखिम रासायनिक रूप, मात्रा और संपर्क मार्ग पर निर्भर करता है, इसलिए वास्तविक पदार्थ के लिए उपयुक्त सुरक्षा डेटा का पालन करना चाहिए।