लेज़र
होल्मियम का उपयोग लेज़र माध्यम, प्रकाशीय घटकों या विशिष्ट तरंगदैर्ध्य पर प्रकाश उत्पन्न करने वाले पदार्थों में किया जाता है।
होल्मियम परमाणु क्रमांक 67 और प्रतीक Ho वाला रासायनिक तत्व है। यह आवर्त 6, समूह —, f-ब्लॉक में स्थित है। कमरे के तापमान पर इसकी संदर्भ अवस्था ठोस है और इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास [Xe] 4f11 6s2 है।
होल्मियम लैंथेनाइड श्रेणी का तत्व है, जिसमें 4f उपकक्षा क्रमशः भरती है। +3 ऑक्सीकरण अवस्था सामान्य होती है और f इलेक्ट्रॉनों के कारण कई लैंथेनाइड विशिष्ट चुंबकीय तथा वर्णक्रमीय गुण दिखाते हैं।
होल्मियम का इलेक्ट्रॉन विन्यास [Xe] 4f11 6s2 है। 4f इलेक्ट्रॉन बाहरी इलेक्ट्रॉनों से काफी हद तक आच्छादित रहते हैं, इसलिए पड़ोसी लैंथेनाइडों की रसायनिकी बहुत समान होती है, जबकि आयनिक त्रिज्या और सूक्ष्म इलेक्ट्रॉनिक अंतर उनके पृथक्करण तथा प्रकाशीय गुणों को प्रभावित करते हैं।
होल्मियम सामान्यतः +3 अवस्था वाले आयनिक यौगिक, ऑक्साइड, हैलाइड और समन्वय यौगिक बनाता है। लैंथेनाइडों के समान आकार और आवेश के कारण उनके यौगिकों की रसायनिकी मिलती-जुलती है, फिर भी 4f इलेक्ट्रॉन प्रकाशीय और चुंबकीय अंतर उत्पन्न कर सकते हैं।
कमरे के तापमान पर संदर्भ अवस्था ठोस है। सूचीबद्ध घनत्व 8.79 g/cm³ है। गलनांक 1 742 K (1 469 °C) है। क्वथनांक 2 873 K (2 600 °C) है। दाब, शुद्धता, क्रिस्टलीय संरचना और अपररूप मापे गए मानों को बदल सकते हैं, इसलिए भौतिक आँकड़ों के साथ मापन की परिस्थितियाँ भी महत्वपूर्ण होती हैं।
व्यवहार में होल्मियम लेज़र, चुंबक और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में मिलता है। उपयोग की वास्तविक वजह शुद्ध तत्व, मिश्रधातु, यौगिक या किसी विशिष्ट समस्थानिक के गुण हो सकते हैं, इसलिए अनुप्रयोग समझते समय रासायनिक रूप को पहचानना जरूरी है।
होल्मियम का उपयोग लेज़र माध्यम, प्रकाशीय घटकों या विशिष्ट तरंगदैर्ध्य पर प्रकाश उत्पन्न करने वाले पदार्थों में किया जाता है।
होल्मियम का उपयोग ऐसे चुंबकीय पदार्थों में किया जाता है जहाँ मजबूत, स्थिर या उच्च तापमान सहने वाला चुंबकत्व चाहिए।
होल्मियम का उत्पादन या मापन मुख्यतः परमाणु, नाभिकीय और आवर्ती रुझानों की जाँच के लिए अनुसंधान में किया जाता है; इसका बड़े पैमाने का व्यावसायिक उपयोग नहीं है।
होल्मियम आवर्त 6 की f-ब्लॉक लैंथेनाइड श्रेणी में है। यहाँ दिखाए गए टर्बियम और डिस्प्रोसियम जैसे पड़ोसी तत्वों से तुलना करके आयनिक आकार, इलेक्ट्रॉन विन्यास और चुंबकीय या प्रकाशीय गुणों में क्रमिक परिवर्तन समझे जा सकते हैं।
जहाँ लागू हो, ये मान तत्व या उदासीन परमाणु का वर्णन करते हैं। भौतिक आँकड़े अपररूप, दाब, शुद्धता और मापन की परिस्थितियों पर निर्भर कर सकते हैं।
होल्मियम की खोज या पहचान का इतिहास Marc Delafontaine से जुड़ा है। किसी तत्व की पहली पहचान, शुद्ध नमूने का पृथक्करण और आधुनिक परमाणु क्रमांक का निर्धारण हमेशा एक ही समय पर नहीं हुआ।
होल्मियम का मानक परमाणु भार 164.930329(5) है। यह प्राकृतिक स्थलीय पदार्थ में समस्थानिक संरचना का भारित औसत है, किसी एक परमाणु का द्रव्यमान नहीं।
होल्मियम के समस्थानिकों में प्रोटॉन संख्या समान रहती है, इसलिए वे एक ही तत्व हैं, लेकिन न्यूट्रॉन संख्या और परमाणु द्रव्यमान अलग होते हैं। प्राकृतिक समस्थानिक अनुपात मानक परमाणु भार को प्रभावित कर सकता है।
होल्मियम से जुड़े जोखिम उसके रासायनिक रूप, मात्रा और संपर्क मार्ग पर निर्भर करते हैं। शुद्ध तत्व, उसके आयन और यौगिकों के जैविक तथा पर्यावरणीय प्रभाव अलग हो सकते हैं, इसलिए वास्तविक पदार्थ की सुरक्षा जानकारी देखना आवश्यक है।