मूल बातें
प्रबल अम्लता और ऑक्सीकारक व्यवहार अलग अवधारणाएँ हैं; विशेषकर सांद्र माध्यम में नाइट्रिक अम्ल redox रसायन भी दिखा सकता है।
नाइट्रिक अम्ल HNO₃ एक प्रबल ऑक्सो-अम्ल है। पानी में इसका प्रोटॉन आसानी से स्थानांतरित होता है और NO₃⁻ नाइट्रेट आयन बनता है।
HNO₃ से प्रोटॉन हटने पर NO₃⁻ बनता है। नाइट्रेट में तीन N–O दिशाओं पर बंधन और ऋण आवेश अनुनाद से वितरित होते हैं।
प्रबल अम्लता और ऑक्सीकारक व्यवहार अलग अवधारणाएँ हैं; विशेषकर सांद्र माध्यम में नाइट्रिक अम्ल redox रसायन भी दिखा सकता है।
NO₃⁻ लगभग trigonal planar है। अलग-अलग Lewis contributors वास्तविक अलग संरचनाएँ नहीं, बल्कि delocalized इलेक्ट्रॉनिक अवस्था के लेखांकन चित्र हैं।
NO₃⁻ लगभग trigonal planar है। अलग-अलग Lewis contributors वास्तविक अलग संरचनाएँ नहीं, बल्कि delocalized इलेक्ट्रॉनिक अवस्था के लेखांकन चित्र हैं।
परमाणु प्रतिशत और द्रव्यमान प्रतिशत अलग प्रश्नों के उत्तर देते हैं; द्रव्यमान मानक सापेक्ष परमाणु द्रव्यमानों से निकालकर प्रदर्शन के लिए गोल किए जाते हैं।
जलीय विलयन में अम्लीय आयनीकरण उत्पादों की ओर बहुत अधिक झुका रहता है, इसलिए सामान्य जल-रसायन में HNO₃ को strong acid माना जाता है।
जलीय विलयन में अम्लीय आयनीकरण उत्पादों की ओर बहुत अधिक झुका रहता है, इसलिए सामान्य जल-रसायन में HNO₃ को strong acid माना जाता है।
| सूत्र | HNO₃ |
|---|---|
| मोलर द्रव्यमान | 63.01 g/mol |
| CAS संख्या | 7697-37-2 |
| PubChem CID | 944 |
NO₃⁻ लगभग trigonal planar है। अलग-अलग Lewis contributors वास्तविक अलग संरचनाएँ नहीं, बल्कि delocalized इलेक्ट्रॉनिक अवस्था के लेखांकन चित्र हैं।
प्रबल अम्लता और ऑक्सीकारक व्यवहार अलग अवधारणाएँ हैं; विशेषकर सांद्र माध्यम में नाइट्रिक अम्ल redox रसायन भी दिखा सकता है।