जल और जीवन की रसायनिकी
हाइड्रोजन जल का घटक है और जैविक रसायन में पाए जाने वाले कार्बन–हाइड्रोजन ढाँचे का भी मूल भाग है।
हाइड्रोजन परमाणु क्रमांक 1 और प्रतीक H वाला रासायनिक तत्व है। यह आवर्त 1, समूह 1, s-ब्लॉक में स्थित है। कमरे के तापमान पर इसकी संदर्भ अवस्था गैस है और इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास 1s1 है।
हाइड्रोजन में केवल एक इलेक्ट्रॉन होता है और कोई आंतरिक इलेक्ट्रॉन आवरण नहीं होता। यह सहसंयोजक बंधन में इलेक्ट्रॉन साझा कर सकता है, H⁺ बना सकता है या कुछ यौगिकों में हाइड्राइड H⁻ के रूप में इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर सकता है। यही लचीलापन जल, अम्लों, हाइड्रोकार्बनों और जैविक अणुओं में इसकी व्यापक उपस्थिति को समझाता है।
इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास 1s1 है। इसे समूह 1 के ऊपर रखा जाता है क्योंकि इसका एक संयोजक इलेक्ट्रॉन है, लेकिन इसकी रसायनिकी साधारण क्षार धातु जैसी नहीं है।
हाइड्रोजन प्रायः आयनिक यौगिकों—जैसे ऑक्साइड, हाइड्रॉक्साइड, हैलाइड, कार्बोनेट या सल्फेट—में मिलता है। मुक्त धातु अधिक अभिक्रियाशील होती है, इसलिए प्रकृति में इसकी उपस्थिति स्थिर आयनों और यौगिकों से जुड़ी रहती है।
कमरे के तापमान पर संदर्भ अवस्था गैस है। सूचीबद्ध घनत्व 0.0899 g/L है। गलनांक 13.84 K (-259.3 °C) है। क्वथनांक 20.27 K (-252.9 °C) है। दाब, शुद्धता, क्रिस्टलीय संरचना और अपररूप मापे गए मानों को बदल सकते हैं, इसलिए भौतिक आँकड़ों के साथ मापन की परिस्थितियाँ भी महत्वपूर्ण होती हैं।
व्यवहार में हाइड्रोजन जल और जीवन की रसायनिकी, उर्वरक उत्पादन और पेट्रोलियम परिशोधन जैसे क्षेत्रों में मिलता है। उपयोग की वास्तविक वजह शुद्ध तत्व, मिश्रधातु, यौगिक या किसी विशिष्ट समस्थानिक के गुण हो सकते हैं, इसलिए अनुप्रयोग समझते समय रासायनिक रूप को पहचानना जरूरी है।
हाइड्रोजन जल का घटक है और जैविक रसायन में पाए जाने वाले कार्बन–हाइड्रोजन ढाँचे का भी मूल भाग है।
हाइड्रोजन अमोनिया बनाने का प्रमुख कच्चा माल है; अमोनिया से अनेक नाइट्रोजन उर्वरक बनाए जाते हैं।
हाइड्रोजन का उपयोग उत्प्रेरक और हाइड्रोजन-प्रसंस्करण चरणों में अशुद्धियाँ हटाने तथा ईंधन की गुणवत्ता सुधारने के लिए किया जाता है।
हाइड्रोजन आवर्त 1 और समूह 1 में स्थित है। इसके आसपास लिथियम, बेरिलियम जैसे वास्तविक पड़ोसी तत्व हैं। इनसे तुलना करके परमाणु आकार, आयनीकरण ऊर्जा, बंधन और अभिक्रियाशीलता के आवर्ती रुझानों को सीधे देखा जा सकता है।
जहाँ लागू हो, ये मान तत्व या उदासीन परमाणु का वर्णन करते हैं। भौतिक आँकड़े अपररूप, दाब, शुद्धता और मापन की परिस्थितियों पर निर्भर कर सकते हैं।
हाइड्रोजन की खोज या पहचान का इतिहास Henry Cavendish से जुड़ा है। किसी तत्व की पहली पहचान, शुद्ध नमूने का पृथक्करण और आधुनिक परमाणु क्रमांक का निर्धारण हमेशा एक ही समय पर नहीं हुआ।
हाइड्रोजन का मानक परमाणु भार [1.00784, 1.00811] के अंतराल के रूप में दिया जाता है। प्राकृतिक नमूनों में समस्थानिक अनुपात थोड़ा बदल सकता है, इसलिए एक अकेला दशमलव मान वास्तविक विविधता को छिपा देता।
हाइड्रोजन के समस्थानिकों में प्रोटॉन संख्या समान रहती है, इसलिए वे एक ही तत्व हैं, लेकिन न्यूट्रॉन संख्या और परमाणु द्रव्यमान अलग होते हैं। प्राकृतिक समस्थानिक अनुपात मानक परमाणु भार को प्रभावित कर सकता है।
हाइड्रोजन से जुड़े जोखिम उसके रासायनिक रूप, मात्रा और संपर्क मार्ग पर निर्भर करते हैं। शुद्ध तत्व, उसके आयन और यौगिकों के जैविक तथा पर्यावरणीय प्रभाव अलग हो सकते हैं, इसलिए वास्तविक पदार्थ की सुरक्षा जानकारी देखना आवश्यक है।