मूल बातें
ठोस NaOH को तीन परमाणुओं के सहसंयोजक अणु की तरह नहीं देखना चाहिए। पदार्थ और उसके सघन विलयन अत्यंत संक्षारक होते हैं।
सोडियम हाइड्रॉक्साइड NaOH, Na⁺ और OH⁻ से बना आयनिक यौगिक है। पानी में जाल अलग होकर hydrated ions देता है और OH⁻ प्रबल क्षारीय व्यवहार का प्रत्यक्ष स्रोत है।
+1 Na⁺ और −1 OH⁻ 1:1 अनुपात बनाते हैं। OH⁻ के भीतर O–H बंध सहसंयोजक है, जबकि Na⁺ और OH⁻ के बीच ठोस में आयनिक आकर्षण प्रमुख है।
ठोस NaOH को तीन परमाणुओं के सहसंयोजक अणु की तरह नहीं देखना चाहिए। पदार्थ और उसके सघन विलयन अत्यंत संक्षारक होते हैं।
OH⁻ एक प्रबल Brønsted base है और प्रोटॉन स्वीकार कर H₂O बना सकता है। इसलिए ‘क्षार’ का अर्थ प्रोटॉन-स्थानांतरण क्षमता से जुड़ा है।
OH⁻ एक प्रबल Brønsted base है और प्रोटॉन स्वीकार कर H₂O बना सकता है। इसलिए ‘क्षार’ का अर्थ प्रोटॉन-स्थानांतरण क्षमता से जुड़ा है।
परमाणु प्रतिशत और द्रव्यमान प्रतिशत अलग प्रश्नों के उत्तर देते हैं; द्रव्यमान मानक सापेक्ष परमाणु द्रव्यमानों से निकालकर प्रदर्शन के लिए गोल किए जाते हैं।
NaOH का पानी में घुलना उल्लेखनीय ऊष्माक्षेपी हो सकता है क्योंकि lattice breaking और ion hydration साथ होते हैं। घुलना और neutralization अलग प्रक्रियाएँ हैं।
NaOH का पानी में घुलना उल्लेखनीय ऊष्माक्षेपी हो सकता है क्योंकि lattice breaking और ion hydration साथ होते हैं। घुलना और neutralization अलग प्रक्रियाएँ हैं।
| सूत्र | NaOH |
|---|---|
| मोलर द्रव्यमान | 39.997 g/mol |
| CAS संख्या | 1310-73-2 |
| PubChem CID | 14798 |
OH⁻ एक प्रबल Brønsted base है और प्रोटॉन स्वीकार कर H₂O बना सकता है। इसलिए ‘क्षार’ का अर्थ प्रोटॉन-स्थानांतरण क्षमता से जुड़ा है।
ठोस NaOH को तीन परमाणुओं के सहसंयोजक अणु की तरह नहीं देखना चाहिए। पदार्थ और उसके सघन विलयन अत्यंत संक्षारक होते हैं।