रासायनिक तत्व · संदर्भ पृष्ठ
116Lv

लिवरमोरियम

लिवरमोरियम परमाणु क्रमांक 116 और प्रतीक Lv वाला रासायनिक तत्व है। यह आवर्त 7, समूह 16, p-ब्लॉक में स्थित है। कमरे के तापमान पर इसकी संदर्भ अवस्था प्रयोगात्मक रूप से निर्धारित नहीं है और इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास [Rn] 5f14 6d10 7s2 7p4 है।

परमाणु क्रमांक116
मानक परमाणु भारकोई मानक परमाणु भार नहीं
समूह16
आवर्त7
ब्लॉकp
इलेक्ट्रॉन विन्यास[Rn] 5f14 6d10 7s2 7p4
इलेक्ट्रॉनिक संरचना

इसकी रसायनिकी को क्या नियंत्रित करता है?

लिवरमोरियम की रसायनिकी में p उपकक्षा के इलेक्ट्रॉन सीधे भाग लेते हैं। s और d इलेक्ट्रॉनों की निकट ऊर्जा के कारण संक्रमण धातुओं में अनेक ऑक्सीकरण अवस्थाएँ, समन्वय यौगिक और उत्प्रेरक व्यवहार सामान्य हैं।

लिवरमोरियम का इलेक्ट्रॉन विन्यास [Rn] 5f14 6d10 7s2 7p4 है। यौगिक बनने पर d कक्षकों की भरावट बदल सकती है, जिससे रंग, चुंबकत्व, बंधन और अभिक्रियाशीलता में स्पष्ट परिवर्तन आते हैं।

रासायनिक रूप

यौगिक, आयन और पदार्थ

लिवरमोरियम के महत्वपूर्ण रूपों में धातु, मिश्रधातुएँ, ऑक्साइड, हैलाइड और समन्वय यौगिक शामिल हैं। s और d इलेक्ट्रॉनों की निकट ऊर्जा अनेक ऑक्सीकरण अवस्थाओं को संभव बनाती है और लिगैंड रंग, चुंबकत्व तथा अभिक्रियाशीलता बदल सकते हैं।

भौतिक व्यवहार

अवस्था और अवस्था परिवर्तन

पर्याप्त स्थूल नमूना उपलब्ध नहीं है, इसलिए घनत्व, गलनांक और क्वथनांक जैसे थोक गुण प्रयोगात्मक रूप से स्थापित नहीं हैं। अति-भारी तत्वों के लिए प्रकाशित मान प्रायः सैद्धांतिक अनुमान होते हैं और उन्हें प्रत्यक्ष माप से अलग समझना चाहिए।

उपस्थिति और उपयोग

लिवरमोरियम कहाँ मिलता है और कैसे उपयोग होता है?

व्यवहार में लिवरमोरियम वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में मिलता है। उपयोग की वास्तविक वजह शुद्ध तत्व, मिश्रधातु, यौगिक या किसी विशिष्ट समस्थानिक के गुण हो सकते हैं, इसलिए अनुप्रयोग समझते समय रासायनिक रूप को पहचानना जरूरी है।

व्यावहारिक उदाहरण

वास्तविक उपयोगों के उदाहरण

वैज्ञानिक अनुसंधान

लिवरमोरियम का उत्पादन या मापन मुख्यतः परमाणु, नाभिकीय और आवर्ती रुझानों की जाँच के लिए अनुसंधान में किया जाता है; इसका बड़े पैमाने का व्यावसायिक उपयोग नहीं है।

आवर्त स्थिति

पड़ोसी तत्व क्या बताते हैं?

लिवरमोरियम आवर्त 7 और समूह 16 में स्थित है। इसके आसपास बिस्मथ, पोलोनियम, एस्टैटीन जैसे वास्तविक पड़ोसी तत्व हैं। इनसे तुलना करके परमाणु आकार, आयनीकरण ऊर्जा, बंधन और अभिक्रियाशीलता के आवर्ती रुझानों को सीधे देखा जा सकता है।

संदर्भ आँकड़े

भौतिक और परमाणवीय गुण

वर्गीकरणअनिश्चित, संभवतः उत्तर-संक्रमण धातु
कमरे के तापमान पर अवस्थाप्रयोगात्मक रूप से निर्धारित नहीं
इलेक्ट्रॉन आवरण2 · 8 · 18 · 32 · 32 · 18 · 6
घनत्वप्रयोगात्मक रूप से निर्धारित नहीं
गलनांकप्रयोगात्मक रूप से निर्धारित नहीं
क्वथनांकप्रयोगात्मक रूप से निर्धारित नहीं
पॉलिंग विद्युतऋणात्मकता—
प्रथम आयनीकरण ऊर्जा—
इलेक्ट्रॉन बंधुता—

जहाँ लागू हो, ये मान तत्व या उदासीन परमाणु का वर्णन करते हैं। भौतिक आँकड़े अपररूप, दाब, शुद्धता और मापन की परिस्थितियों पर निर्भर कर सकते हैं।

इतिहास

खोज और पहचान

लिवरमोरियम कृत्रिम तत्व है। इसे नाभिकीय अभिक्रिया प्रयोगों में बनाया जाता है और बने हुए परमाणुओं की क्षय शृंखलाओं से पहचाना जाता है। उत्पन्न मात्रा इतनी कम होती है कि दृश्यमान स्थूल नमूना बनाना संभव नहीं होता।

समस्थानिक और परमाणु भार

समस्थानिक संरचना संख्याओं को कैसे बदलती है?

लिवरमोरियम का कोई मानक परमाणु भार नहीं है, क्योंकि ऐसा स्थिर प्राकृतिक समस्थानिक मिश्रण उपलब्ध नहीं है जिससे एक प्रतिनिधि औसत निकाला जा सके।

लिवरमोरियम का कोई स्थिर समस्थानिक नहीं है। इसके समस्थानिक रेडियोधर्मी हैं, इसलिए अर्धायु और क्षय-विधि मापन, उपयोग और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।

सुरक्षा

संचालन और संपर्क

लिवरमोरियम रेडियोधर्मी है। इसके साथ कार्य करते समय समस्थानिक, सक्रियता, विकिरण के प्रकार और रासायनिक रूप के अनुरूप विकिरण सुरक्षा नियंत्रण आवश्यक हैं।