रासायनिक तत्व · संदर्भ पृष्ठ
84Po

पोलोनियम

पोलोनियम परमाणु क्रमांक 84 और प्रतीक Po वाला रासायनिक तत्व है। यह आवर्त 6, समूह 16, p-ब्लॉक में स्थित है। कमरे के तापमान पर इसकी संदर्भ अवस्था ठोस है और इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास [Xe] 4f14 5d10 6s2 6p4 है।

परमाणु क्रमांक84
मानक परमाणु भारकोई मानक परमाणु भार नहीं
समूह16
आवर्त6
ब्लॉकp
इलेक्ट्रॉन विन्यास[Xe] 4f14 5d10 6s2 6p4
इलेक्ट्रॉनिक संरचना

इसकी रसायनिकी को क्या नियंत्रित करता है?

पोलोनियम की रसायनिकी में p उपकक्षा के इलेक्ट्रॉन सीधे भाग लेते हैं। s और d इलेक्ट्रॉनों की निकट ऊर्जा के कारण संक्रमण धातुओं में अनेक ऑक्सीकरण अवस्थाएँ, समन्वय यौगिक और उत्प्रेरक व्यवहार सामान्य हैं।

पोलोनियम का इलेक्ट्रॉन विन्यास [Xe] 4f14 5d10 6s2 6p4 है। यौगिक बनने पर d कक्षकों की भरावट बदल सकती है, जिससे रंग, चुंबकत्व, बंधन और अभिक्रियाशीलता में स्पष्ट परिवर्तन आते हैं।

रासायनिक रूप

यौगिक, आयन और पदार्थ

पोलोनियम के महत्वपूर्ण रूपों में धातु, मिश्रधातुएँ, ऑक्साइड, हैलाइड और समन्वय यौगिक शामिल हैं। s और d इलेक्ट्रॉनों की निकट ऊर्जा अनेक ऑक्सीकरण अवस्थाओं को संभव बनाती है और लिगैंड रंग, चुंबकत्व तथा अभिक्रियाशीलता बदल सकते हैं।

भौतिक व्यवहार

अवस्था और अवस्था परिवर्तन

कमरे के तापमान पर संदर्भ अवस्था ठोस है। सूचीबद्ध घनत्व 9.196 g/cm³ है। गलनांक 527 K (253.9 °C) है। क्वथनांक 1 235 K (961.9 °C) है। दाब, शुद्धता, क्रिस्टलीय संरचना और अपररूप मापे गए मानों को बदल सकते हैं, इसलिए भौतिक आँकड़ों के साथ मापन की परिस्थितियाँ भी महत्वपूर्ण होती हैं।

उपस्थिति और उपयोग

पोलोनियम कहाँ मिलता है और कैसे उपयोग होता है?

व्यवहार में पोलोनियम वैज्ञानिक अनुसंधान, नाभिकीय ऊष्मा और इतिहास जैसे क्षेत्रों में मिलता है। उपयोग की वास्तविक वजह शुद्ध तत्व, मिश्रधातु, यौगिक या किसी विशिष्ट समस्थानिक के गुण हो सकते हैं, इसलिए अनुप्रयोग समझते समय रासायनिक रूप को पहचानना जरूरी है।

व्यावहारिक उदाहरण

वास्तविक उपयोगों के उदाहरण

वैज्ञानिक अनुसंधान

पोलोनियम का उत्पादन या मापन मुख्यतः परमाणु, नाभिकीय और आवर्ती रुझानों की जाँच के लिए अनुसंधान में किया जाता है; इसका बड़े पैमाने का व्यावसायिक उपयोग नहीं है।

नाभिकीय ऊष्मा

पोलोनियम के रेडियोधर्मी क्षय से निकलने वाली ऊष्मा विशेष ऊर्जा स्रोतों या ऐतिहासिक ताप अनुप्रयोगों में उपयोग की जा सकती है।

इतिहास

पोलोनियम का ऐतिहासिक महत्व उसकी खोज, शुरुआती औद्योगिक उपयोग, चिकित्सा प्रयोग या रसायन विज्ञान के विकास से जुड़ा हो सकता है।

आवर्त स्थिति

पड़ोसी तत्व क्या बताते हैं?

पोलोनियम आवर्त 6 और समूह 16 में स्थित है। इसके आसपास एंटीमनी, टेल्यूरियम, आयोडीन जैसे वास्तविक पड़ोसी तत्व हैं। इनसे तुलना करके परमाणु आकार, आयनीकरण ऊर्जा, बंधन और अभिक्रियाशीलता के आवर्ती रुझानों को सीधे देखा जा सकता है।

संदर्भ आँकड़े

भौतिक और परमाणवीय गुण

वर्गीकरणउत्तर-संक्रमण धातु
कमरे के तापमान पर अवस्थाठोस
इलेक्ट्रॉन आवरण2 · 8 · 18 · 32 · 18 · 6
घनत्व9.196 g/cm³
गलनांक527 K (253.9 °C)
क्वथनांक1 235 K (961.9 °C)
पॉलिंग विद्युतऋणात्मकता2
प्रथम आयनीकरण ऊर्जा812.2kJ/mol
इलेक्ट्रॉन बंधुता136 kJ/mol

जहाँ लागू हो, ये मान तत्व या उदासीन परमाणु का वर्णन करते हैं। भौतिक आँकड़े अपररूप, दाब, शुद्धता और मापन की परिस्थितियों पर निर्भर कर सकते हैं।

इतिहास

खोज और पहचान

पोलोनियम की खोज या पहचान का इतिहास Pierre Curie से जुड़ा है। किसी तत्व की पहली पहचान, शुद्ध नमूने का पृथक्करण और आधुनिक परमाणु क्रमांक का निर्धारण हमेशा एक ही समय पर नहीं हुआ।

समस्थानिक और परमाणु भार

समस्थानिक संरचना संख्याओं को कैसे बदलती है?

पोलोनियम का कोई मानक परमाणु भार नहीं है, क्योंकि ऐसा स्थिर प्राकृतिक समस्थानिक मिश्रण उपलब्ध नहीं है जिससे एक प्रतिनिधि औसत निकाला जा सके।

पोलोनियम का कोई स्थिर समस्थानिक नहीं है। इसके समस्थानिक रेडियोधर्मी हैं, इसलिए अर्धायु और क्षय-विधि मापन, उपयोग और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।

सुरक्षा

संचालन और संपर्क

पोलोनियम रेडियोधर्मी है। इसके साथ कार्य करते समय समस्थानिक, सक्रियता, विकिरण के प्रकार और रासायनिक रूप के अनुरूप विकिरण सुरक्षा नियंत्रण आवश्यक हैं।