चिकित्सीय उपयोग
बिस्मथ का उपयोग प्रत्यारोपण पदार्थों में तब किया जाता है जब संक्षारण प्रतिरोध, मजबूती और जैव-अनुकूलता महत्वपूर्ण हों।
बिस्मथ परमाणु क्रमांक 83 और प्रतीक Bi वाला रासायनिक तत्व है। यह आवर्त 6, समूह 15, p-ब्लॉक में स्थित है। कमरे के तापमान पर इसकी संदर्भ अवस्था ठोस है और इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास [Xe] 4f14 5d10 6s2 6p3 है।
बिस्मथ की रसायनिकी में p उपकक्षा के इलेक्ट्रॉन सीधे भाग लेते हैं। s और d इलेक्ट्रॉनों की निकट ऊर्जा के कारण संक्रमण धातुओं में अनेक ऑक्सीकरण अवस्थाएँ, समन्वय यौगिक और उत्प्रेरक व्यवहार सामान्य हैं।
बिस्मथ का इलेक्ट्रॉन विन्यास [Xe] 4f14 5d10 6s2 6p3 है। यौगिक बनने पर d कक्षकों की भरावट बदल सकती है, जिससे रंग, चुंबकत्व, बंधन और अभिक्रियाशीलता में स्पष्ट परिवर्तन आते हैं।
बिस्मथ के महत्वपूर्ण रूपों में धातु, मिश्रधातुएँ, ऑक्साइड, हैलाइड और समन्वय यौगिक शामिल हैं। s और d इलेक्ट्रॉनों की निकट ऊर्जा अनेक ऑक्सीकरण अवस्थाओं को संभव बनाती है और लिगैंड रंग, चुंबकत्व तथा अभिक्रियाशीलता बदल सकते हैं।
कमरे के तापमान पर संदर्भ अवस्था ठोस है। सूचीबद्ध घनत्व 9.78 g/cm³ है। गलनांक 544.6 K (271.4 °C) है। क्वथनांक 1 837 K (1 564 °C) है। दाब, शुद्धता, क्रिस्टलीय संरचना और अपररूप मापे गए मानों को बदल सकते हैं, इसलिए भौतिक आँकड़ों के साथ मापन की परिस्थितियाँ भी महत्वपूर्ण होती हैं।
व्यवहार में बिस्मथ चिकित्सीय उपयोग, सौंदर्य प्रसाधन और मिश्रधातुएँ जैसे क्षेत्रों में मिलता है। उपयोग की वास्तविक वजह शुद्ध तत्व, मिश्रधातु, यौगिक या किसी विशिष्ट समस्थानिक के गुण हो सकते हैं, इसलिए अनुप्रयोग समझते समय रासायनिक रूप को पहचानना जरूरी है।
बिस्मथ का उपयोग प्रत्यारोपण पदार्थों में तब किया जाता है जब संक्षारण प्रतिरोध, मजबूती और जैव-अनुकूलता महत्वपूर्ण हों।
बिस्मथ के यौगिक स्थिर रंग या उपयोगी प्रकाशीय गुण देने के कारण रंजकों और संबंधित पदार्थों में उपयोग होते हैं।
बिस्मथ को धातुओं में मिलाकर मजबूती, संक्षारण प्रतिरोध, गलन व्यवहार या उच्च तापमान प्रदर्शन बदला जाता है।
बिस्मथ आवर्त 6 और समूह 15 में स्थित है। इसके आसपास टिन, एंटीमनी, टेल्यूरियम जैसे वास्तविक पड़ोसी तत्व हैं। इनसे तुलना करके परमाणु आकार, आयनीकरण ऊर्जा, बंधन और अभिक्रियाशीलता के आवर्ती रुझानों को सीधे देखा जा सकता है।
जहाँ लागू हो, ये मान तत्व या उदासीन परमाणु का वर्णन करते हैं। भौतिक आँकड़े अपररूप, दाब, शुद्धता और मापन की परिस्थितियों पर निर्भर कर सकते हैं।
बिस्मथ की खोज या पहचान का इतिहास Claude François Geoffroy से जुड़ा है। किसी तत्व की पहली पहचान, शुद्ध नमूने का पृथक्करण और आधुनिक परमाणु क्रमांक का निर्धारण हमेशा एक ही समय पर नहीं हुआ।
बिस्मथ का मानक परमाणु भार 208.98040(1) है। यह प्राकृतिक स्थलीय पदार्थ में समस्थानिक संरचना का भारित औसत है, किसी एक परमाणु का द्रव्यमान नहीं।
बिस्मथ का कोई स्थिर समस्थानिक नहीं है। इसके समस्थानिक रेडियोधर्मी हैं, इसलिए अर्धायु और क्षय-विधि मापन, उपयोग और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।
बिस्मथ से जुड़े जोखिम उसके रासायनिक रूप, मात्रा और संपर्क मार्ग पर निर्भर करते हैं। शुद्ध तत्व, उसके आयन और यौगिकों के जैविक तथा पर्यावरणीय प्रभाव अलग हो सकते हैं, इसलिए वास्तविक पदार्थ की सुरक्षा जानकारी देखना आवश्यक है।