रासायनिक तत्व · संदर्भ पृष्ठ
50Sn

टिन

टिन परमाणु क्रमांक 50 और प्रतीक Sn वाला रासायनिक तत्व है। यह आवर्त 5, समूह 14, p-ब्लॉक में स्थित है। कमरे के तापमान पर इसकी संदर्भ अवस्था ठोस है और इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास [Kr] 4d10 5s2 5p2 है।

परमाणु क्रमांक50
मानक परमाणु भार118.710(7)
समूह14
आवर्त5
ब्लॉकp
इलेक्ट्रॉन विन्यास[Kr] 4d10 5s2 5p2
इलेक्ट्रॉनिक संरचना

इसकी रसायनिकी को क्या नियंत्रित करता है?

टिन की रसायनिकी में p उपकक्षा के इलेक्ट्रॉन सीधे भाग लेते हैं। s और d इलेक्ट्रॉनों की निकट ऊर्जा के कारण संक्रमण धातुओं में अनेक ऑक्सीकरण अवस्थाएँ, समन्वय यौगिक और उत्प्रेरक व्यवहार सामान्य हैं।

टिन का इलेक्ट्रॉन विन्यास [Kr] 4d10 5s2 5p2 है। यौगिक बनने पर d कक्षकों की भरावट बदल सकती है, जिससे रंग, चुंबकत्व, बंधन और अभिक्रियाशीलता में स्पष्ट परिवर्तन आते हैं।

रासायनिक रूप

यौगिक, आयन और पदार्थ

टिन के महत्वपूर्ण रूपों में धातु, मिश्रधातुएँ, ऑक्साइड, हैलाइड और समन्वय यौगिक शामिल हैं। s और d इलेक्ट्रॉनों की निकट ऊर्जा अनेक ऑक्सीकरण अवस्थाओं को संभव बनाती है और लिगैंड रंग, चुंबकत्व तथा अभिक्रियाशीलता बदल सकते हैं।

भौतिक व्यवहार

अवस्था और अवस्था परिवर्तन

कमरे के तापमान पर संदर्भ अवस्था ठोस है। सूचीबद्ध घनत्व 7.365 g/cm³ है। गलनांक 505.1 K (231.9 °C) है। क्वथनांक 2 875 K (2 602 °C) है। दाब, शुद्धता, क्रिस्टलीय संरचना और अपररूप मापे गए मानों को बदल सकते हैं, इसलिए भौतिक आँकड़ों के साथ मापन की परिस्थितियाँ भी महत्वपूर्ण होती हैं।

उपस्थिति और उपयोग

टिन कहाँ मिलता है और कैसे उपयोग होता है?

व्यवहार में टिन सोल्डर, कोटिंग और कांसा जैसे क्षेत्रों में मिलता है। उपयोग की वास्तविक वजह शुद्ध तत्व, मिश्रधातु, यौगिक या किसी विशिष्ट समस्थानिक के गुण हो सकते हैं, इसलिए अनुप्रयोग समझते समय रासायनिक रूप को पहचानना जरूरी है।

व्यावहारिक उदाहरण

वास्तविक उपयोगों के उदाहरण

सोल्डर

टिन कम गलनांक या अनुकूल मिश्रधातु व्यवहार के कारण धातु भागों और इलेक्ट्रॉनिक संपर्कों को जोड़ने वाले सोल्डर में उपयोग हो सकता है।

कोटिंग

टिन वाले कोटिंग पदार्थ सतह को संक्षारण, घिसाव, ऑक्सीकरण या विशेष प्रकाशीय और विद्युत आवश्यकताओं से बचाने के लिए लगाए जाते हैं।

कांसा

टिन कांसे जैसी ताँबा-आधारित मिश्रधातुओं की कठोरता, घिसाव-प्रतिरोध और ढलाई गुणों को बदल सकता है।

आवर्त स्थिति

पड़ोसी तत्व क्या बताते हैं?

टिन आवर्त 5 और समूह 14 में स्थित है। इसके आसपास गैलियम, जर्मेनियम, आर्सेनिक जैसे वास्तविक पड़ोसी तत्व हैं। इनसे तुलना करके परमाणु आकार, आयनीकरण ऊर्जा, बंधन और अभिक्रियाशीलता के आवर्ती रुझानों को सीधे देखा जा सकता है।

संदर्भ आँकड़े

भौतिक और परमाणवीय गुण

वर्गीकरणउत्तर-संक्रमण धातु
कमरे के तापमान पर अवस्थाठोस
इलेक्ट्रॉन आवरण2 · 8 · 18 · 18 · 4
घनत्व7.365 g/cm³
गलनांक505.1 K (231.9 °C)
क्वथनांक2 875 K (2 602 °C)
पॉलिंग विद्युतऋणात्मकता1.96
प्रथम आयनीकरण ऊर्जा708.6 kJ/mol
इलेक्ट्रॉन बंधुता107.3 kJ/mol

जहाँ लागू हो, ये मान तत्व या उदासीन परमाणु का वर्णन करते हैं। भौतिक आँकड़े अपररूप, दाब, शुद्धता और मापन की परिस्थितियों पर निर्भर कर सकते हैं।

इतिहास

खोज और पहचान

टिन की पहचान रसायन विज्ञान के विकास के दौरान उसके विशिष्ट भौतिक और रासायनिक गुणों के आधार पर हुई। आज इसकी पहचान परमाणु क्रमांक और परमाणु संरचना से निश्चित रूप से की जाती है।

समस्थानिक और परमाणु भार

समस्थानिक संरचना संख्याओं को कैसे बदलती है?

टिन का मानक परमाणु भार 118.710(7) है। यह प्राकृतिक स्थलीय पदार्थ में समस्थानिक संरचना का भारित औसत है, किसी एक परमाणु का द्रव्यमान नहीं।

टिन के समस्थानिकों में प्रोटॉन संख्या समान रहती है, इसलिए वे एक ही तत्व हैं, लेकिन न्यूट्रॉन संख्या और परमाणु द्रव्यमान अलग होते हैं। प्राकृतिक समस्थानिक अनुपात मानक परमाणु भार को प्रभावित कर सकता है।

सुरक्षा

संचालन और संपर्क

टिन से जुड़े जोखिम उसके रासायनिक रूप, मात्रा और संपर्क मार्ग पर निर्भर करते हैं। शुद्ध तत्व, उसके आयन और यौगिकों के जैविक तथा पर्यावरणीय प्रभाव अलग हो सकते हैं, इसलिए वास्तविक पदार्थ की सुरक्षा जानकारी देखना आवश्यक है।