अर्धचालक
गैलियम अर्धचालक पदार्थों में बैंड-संरचना, वाहक सांद्रता, प्रकाश प्रतिक्रिया या यौगिक निर्माण के कारण उपयोगी होता है।
गैलियम परमाणु क्रमांक 31 और प्रतीक Ga वाला रासायनिक तत्व है। यह आवर्त 4, समूह 13, p-ब्लॉक में स्थित है। कमरे के तापमान पर इसकी संदर्भ अवस्था ठोस है और इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास [Ar] 3d10 4s2 4p1 है।
गैलियम की रसायनिकी में p उपकक्षा के इलेक्ट्रॉन सीधे भाग लेते हैं। s और d इलेक्ट्रॉनों की निकट ऊर्जा के कारण संक्रमण धातुओं में अनेक ऑक्सीकरण अवस्थाएँ, समन्वय यौगिक और उत्प्रेरक व्यवहार सामान्य हैं।
गैलियम का इलेक्ट्रॉन विन्यास [Ar] 3d10 4s2 4p1 है। यौगिक बनने पर d कक्षकों की भरावट बदल सकती है, जिससे रंग, चुंबकत्व, बंधन और अभिक्रियाशीलता में स्पष्ट परिवर्तन आते हैं।
गैलियम के महत्वपूर्ण रूपों में धातु, मिश्रधातुएँ, ऑक्साइड, हैलाइड और समन्वय यौगिक शामिल हैं। s और d इलेक्ट्रॉनों की निकट ऊर्जा अनेक ऑक्सीकरण अवस्थाओं को संभव बनाती है और लिगैंड रंग, चुंबकत्व तथा अभिक्रियाशीलता बदल सकते हैं।
कमरे के तापमान पर संदर्भ अवस्था ठोस है। सूचीबद्ध घनत्व 5.91 g/cm³ है। गलनांक 302.9 K (29.76 °C) है। क्वथनांक 2 673 K (2 400 °C) है। दाब, शुद्धता, क्रिस्टलीय संरचना और अपररूप मापे गए मानों को बदल सकते हैं, इसलिए भौतिक आँकड़ों के साथ मापन की परिस्थितियाँ भी महत्वपूर्ण होती हैं।
व्यवहार में गैलियम अर्धचालक, एलईडी और मापन उपकरण जैसे क्षेत्रों में मिलता है। उपयोग की वास्तविक वजह शुद्ध तत्व, मिश्रधातु, यौगिक या किसी विशिष्ट समस्थानिक के गुण हो सकते हैं, इसलिए अनुप्रयोग समझते समय रासायनिक रूप को पहचानना जरूरी है।
गैलियम अर्धचालक पदार्थों में बैंड-संरचना, वाहक सांद्रता, प्रकाश प्रतिक्रिया या यौगिक निर्माण के कारण उपयोगी होता है।
गैलियम वाले अर्धचालक यौगिक आवेश वाहकों के पुनर्संयोजन पर प्रकाश उत्सर्जित कर सकते हैं, इसलिए वे एलईडी और प्रकाश-इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में उपयोगी हैं।
गैलियम वाले पदार्थ सेंसर, मानक या मापन उपकरणों में स्थिर विद्युत, तापीय, प्रकाशीय या यांत्रिक प्रतिक्रिया के कारण उपयोग होते हैं।
गैलियम आवर्त 4 और समूह 13 में स्थित है। इसके आसपास एल्युमिनियम, सिलिकॉन, जस्ता जैसे वास्तविक पड़ोसी तत्व हैं। इनसे तुलना करके परमाणु आकार, आयनीकरण ऊर्जा, बंधन और अभिक्रियाशीलता के आवर्ती रुझानों को सीधे देखा जा सकता है।
जहाँ लागू हो, ये मान तत्व या उदासीन परमाणु का वर्णन करते हैं। भौतिक आँकड़े अपररूप, दाब, शुद्धता और मापन की परिस्थितियों पर निर्भर कर सकते हैं।
गैलियम की खोज या पहचान का इतिहास Lecoq de Boisbaudran से जुड़ा है। किसी तत्व की पहली पहचान, शुद्ध नमूने का पृथक्करण और आधुनिक परमाणु क्रमांक का निर्धारण हमेशा एक ही समय पर नहीं हुआ।
गैलियम का मानक परमाणु भार 69.723(1) है। यह प्राकृतिक स्थलीय पदार्थ में समस्थानिक संरचना का भारित औसत है, किसी एक परमाणु का द्रव्यमान नहीं।
गैलियम के समस्थानिकों में प्रोटॉन संख्या समान रहती है, इसलिए वे एक ही तत्व हैं, लेकिन न्यूट्रॉन संख्या और परमाणु द्रव्यमान अलग होते हैं। प्राकृतिक समस्थानिक अनुपात मानक परमाणु भार को प्रभावित कर सकता है।
गैलियम से जुड़े जोखिम उसके रासायनिक रूप, मात्रा और संपर्क मार्ग पर निर्भर करते हैं। शुद्ध तत्व, उसके आयन और यौगिकों के जैविक तथा पर्यावरणीय प्रभाव अलग हो सकते हैं, इसलिए वास्तविक पदार्थ की सुरक्षा जानकारी देखना आवश्यक है।