सौर कोशिकाएँ
टेल्यूरियम का उपयोग प्रकाश को विद्युत ऊर्जा में बदलने वाली सौर कोशिकाओं के अवशोषक, संपर्क, कोटिंग या अर्धचालक परतों में किया जाता है।
टेल्यूरियम परमाणु क्रमांक 52 और प्रतीक Te वाला रासायनिक तत्व है। यह आवर्त 5, समूह 16, p-ब्लॉक में स्थित है। कमरे के तापमान पर इसकी संदर्भ अवस्था ठोस है और इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास [Kr] 4d10 5s2 5p4 है।
टेल्यूरियम की रासायनिक प्रकृति मुख्यतः उसके संयोजक इलेक्ट्रॉनों और आवर्त सारणी में उसकी स्थिति से निर्धारित होती है। इलेक्ट्रॉन विन्यास [Kr] 4d10 5s2 5p4 बंधन, सामान्य ऑक्सीकरण अवस्थाओं और निकटवर्ती तत्वों से समानताओं को समझने का आधार देता है।
इलेक्ट्रॉन खोने, ग्रहण करने या साझा करने पर टेल्यूरियम अलग-अलग आयन और यौगिक बना सकता है। समूह 16 तथा p ब्लॉक की स्थिति इसके आकार, आयनीकरण ऊर्जा और बंधन व्यवहार के आवर्ती रुझानों से तुलना करने में उपयोगी है।
टेल्यूरियम अपनी इलेक्ट्रॉनिक संरचना और रासायनिक वातावरण के अनुसार अलग-अलग पदार्थ बनाता है। ऑक्साइड, हैलाइड, हाइड्राइड, मिश्रधातुएँ या सहसंयोजक यौगिक महत्वपूर्ण हो सकते हैं; ऑक्सीकरण अवस्था बंधन, संरचना और अभिक्रियाशीलता को बदलती है।
कमरे के तापमान पर संदर्भ अवस्था ठोस है। सूचीबद्ध घनत्व 6.24 g/cm³ है। गलनांक 722.7 K (449.6 °C) है। क्वथनांक 1 261 K (987.9 °C) है। दाब, शुद्धता, क्रिस्टलीय संरचना और अपररूप मापे गए मानों को बदल सकते हैं, इसलिए भौतिक आँकड़ों के साथ मापन की परिस्थितियाँ भी महत्वपूर्ण होती हैं।
व्यवहार में टेल्यूरियम सौर कोशिकाएँ, तापविद्युत पदार्थ और मिश्रधातुएँ जैसे क्षेत्रों में मिलता है। उपयोग की वास्तविक वजह शुद्ध तत्व, मिश्रधातु, यौगिक या किसी विशिष्ट समस्थानिक के गुण हो सकते हैं, इसलिए अनुप्रयोग समझते समय रासायनिक रूप को पहचानना जरूरी है।
टेल्यूरियम का उपयोग प्रकाश को विद्युत ऊर्जा में बदलने वाली सौर कोशिकाओं के अवशोषक, संपर्क, कोटिंग या अर्धचालक परतों में किया जाता है।
टेल्यूरियम वाले तापविद्युत पदार्थ तापांतर को सीधे विद्युत वोल्टेज में, या विद्युत प्रवाह को ताप पंपन में, बदल सकते हैं।
टेल्यूरियम को धातुओं में मिलाकर मजबूती, संक्षारण प्रतिरोध, गलन व्यवहार या उच्च तापमान प्रदर्शन बदला जाता है।
टेल्यूरियम आवर्त 5 और समूह 16 में स्थित है। इसके आसपास आर्सेनिक, सेलेनियम, ब्रोमीन जैसे वास्तविक पड़ोसी तत्व हैं। इनसे तुलना करके परमाणु आकार, आयनीकरण ऊर्जा, बंधन और अभिक्रियाशीलता के आवर्ती रुझानों को सीधे देखा जा सकता है।
जहाँ लागू हो, ये मान तत्व या उदासीन परमाणु का वर्णन करते हैं। भौतिक आँकड़े अपररूप, दाब, शुद्धता और मापन की परिस्थितियों पर निर्भर कर सकते हैं।
टेल्यूरियम की खोज या पहचान का इतिहास Franz-Joseph Müller von Reichenstein से जुड़ा है। किसी तत्व की पहली पहचान, शुद्ध नमूने का पृथक्करण और आधुनिक परमाणु क्रमांक का निर्धारण हमेशा एक ही समय पर नहीं हुआ।
टेल्यूरियम का मानक परमाणु भार 127.60(3) है। यह प्राकृतिक स्थलीय पदार्थ में समस्थानिक संरचना का भारित औसत है, किसी एक परमाणु का द्रव्यमान नहीं।
टेल्यूरियम के समस्थानिकों में प्रोटॉन संख्या समान रहती है, इसलिए वे एक ही तत्व हैं, लेकिन न्यूट्रॉन संख्या और परमाणु द्रव्यमान अलग होते हैं। प्राकृतिक समस्थानिक अनुपात मानक परमाणु भार को प्रभावित कर सकता है।
टेल्यूरियम से जुड़े जोखिम उसके रासायनिक रूप, मात्रा और संपर्क मार्ग पर निर्भर करते हैं। शुद्ध तत्व, उसके आयन और यौगिकों के जैविक तथा पर्यावरणीय प्रभाव अलग हो सकते हैं, इसलिए वास्तविक पदार्थ की सुरक्षा जानकारी देखना आवश्यक है।