रासायनिक तत्व · संदर्भ पृष्ठ
61Pm

प्रोमेथियम

प्रोमेथियम परमाणु क्रमांक 61 और प्रतीक Pm वाला रासायनिक तत्व है। यह आवर्त 6, समूह —, f-ब्लॉक में स्थित है। कमरे के तापमान पर इसकी संदर्भ अवस्था ठोस है और इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास [Xe] 4f5 6s2 है।

परमाणु क्रमांक61
मानक परमाणु भारकोई मानक परमाणु भार नहीं
समूह—
आवर्त6
ब्लॉकf
इलेक्ट्रॉन विन्यास[Xe] 4f5 6s2
इलेक्ट्रॉनिक संरचना

इसकी रसायनिकी को क्या नियंत्रित करता है?

प्रोमेथियम लैंथेनाइड श्रेणी का तत्व है, जिसमें 4f उपकक्षा क्रमशः भरती है। +3 ऑक्सीकरण अवस्था सामान्य होती है और f इलेक्ट्रॉनों के कारण कई लैंथेनाइड विशिष्ट चुंबकीय तथा वर्णक्रमीय गुण दिखाते हैं।

प्रोमेथियम का इलेक्ट्रॉन विन्यास [Xe] 4f5 6s2 है। 4f इलेक्ट्रॉन बाहरी इलेक्ट्रॉनों से काफी हद तक आच्छादित रहते हैं, इसलिए पड़ोसी लैंथेनाइडों की रसायनिकी बहुत समान होती है, जबकि आयनिक त्रिज्या और सूक्ष्म इलेक्ट्रॉनिक अंतर उनके पृथक्करण तथा प्रकाशीय गुणों को प्रभावित करते हैं।

रासायनिक रूप

यौगिक, आयन और पदार्थ

प्रोमेथियम सामान्यतः +3 अवस्था वाले आयनिक यौगिक, ऑक्साइड, हैलाइड और समन्वय यौगिक बनाता है। लैंथेनाइडों के समान आकार और आवेश के कारण उनके यौगिकों की रसायनिकी मिलती-जुलती है, फिर भी 4f इलेक्ट्रॉन प्रकाशीय और चुंबकीय अंतर उत्पन्न कर सकते हैं।

भौतिक व्यवहार

अवस्था और अवस्था परिवर्तन

कमरे के तापमान पर संदर्भ अवस्था ठोस है। सूचीबद्ध घनत्व 7.26 g/cm³ है। गलनांक 1 315 K (1 042 °C) है। क्वथनांक 3 273 K (3 000 °C) है। दाब, शुद्धता, क्रिस्टलीय संरचना और अपररूप मापे गए मानों को बदल सकते हैं, इसलिए भौतिक आँकड़ों के साथ मापन की परिस्थितियाँ भी महत्वपूर्ण होती हैं।

उपस्थिति और उपयोग

प्रोमेथियम कहाँ मिलता है और कैसे उपयोग होता है?

व्यवहार में प्रोमेथियम नाभिकीय बैटरियाँ, वैज्ञानिक अनुसंधान और दीप्तिमान पेंट जैसे क्षेत्रों में मिलता है। उपयोग की वास्तविक वजह शुद्ध तत्व, मिश्रधातु, यौगिक या किसी विशिष्ट समस्थानिक के गुण हो सकते हैं, इसलिए अनुप्रयोग समझते समय रासायनिक रूप को पहचानना जरूरी है।

व्यावहारिक उदाहरण

वास्तविक उपयोगों के उदाहरण

नाभिकीय बैटरियाँ

प्रोमेथियम के रेडियोधर्मी क्षय से निकलने वाली ऊर्जा को लंबे समय तक कम शक्ति देने वाली नाभिकीय बैटरियों में विद्युत में बदला जा सकता है।

वैज्ञानिक अनुसंधान

प्रोमेथियम का उत्पादन या मापन मुख्यतः परमाणु, नाभिकीय और आवर्ती रुझानों की जाँच के लिए अनुसंधान में किया जाता है; इसका बड़े पैमाने का व्यावसायिक उपयोग नहीं है।

दीप्तिमान पेंट

प्रोमेथियम के रेडियोधर्मी या प्रकाशोत्सर्जक यौगिक ऐतिहासिक रूप से अँधेरे में दिखाई देने वाले पेंट में उपयोग हुए, हालांकि पुराने रेडियोधर्मी सूत्र अब सुरक्षा कारणों से स्वीकार्य नहीं हैं।

आवर्त स्थिति

पड़ोसी तत्व क्या बताते हैं?

प्रोमेथियम आवर्त 6 की f-ब्लॉक लैंथेनाइड श्रेणी में है। यहाँ दिखाए गए प्रसीओडिमियम और नियोडिमियम जैसे पड़ोसी तत्वों से तुलना करके आयनिक आकार, इलेक्ट्रॉन विन्यास और चुंबकीय या प्रकाशीय गुणों में क्रमिक परिवर्तन समझे जा सकते हैं।

संदर्भ आँकड़े

भौतिक और परमाणवीय गुण

वर्गीकरणलैंथेनाइड
कमरे के तापमान पर अवस्थाठोस
इलेक्ट्रॉन आवरण2 · 8 · 18 · 23 · 8 · 2
घनत्व7.26 g/cm³
गलनांक1 315 K (1 042 °C)
क्वथनांक3 273 K (3 000 °C)
पॉलिंग विद्युतऋणात्मकता—
प्रथम आयनीकरण ऊर्जा539kJ/mol
इलेक्ट्रॉन बंधुता12.45 kJ/mol

जहाँ लागू हो, ये मान तत्व या उदासीन परमाणु का वर्णन करते हैं। भौतिक आँकड़े अपररूप, दाब, शुद्धता और मापन की परिस्थितियों पर निर्भर कर सकते हैं।

इतिहास

खोज और पहचान

प्रोमेथियम की खोज या पहचान का इतिहास Chien Shiung Wu से जुड़ा है। किसी तत्व की पहली पहचान, शुद्ध नमूने का पृथक्करण और आधुनिक परमाणु क्रमांक का निर्धारण हमेशा एक ही समय पर नहीं हुआ।

समस्थानिक और परमाणु भार

समस्थानिक संरचना संख्याओं को कैसे बदलती है?

प्रोमेथियम का कोई मानक परमाणु भार नहीं है, क्योंकि ऐसा स्थिर प्राकृतिक समस्थानिक मिश्रण उपलब्ध नहीं है जिससे एक प्रतिनिधि औसत निकाला जा सके।

प्रोमेथियम का कोई स्थिर समस्थानिक नहीं है। इसके समस्थानिक रेडियोधर्मी हैं, इसलिए अर्धायु और क्षय-विधि मापन, उपयोग और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।

सुरक्षा

संचालन और संपर्क

प्रोमेथियम से जुड़े जोखिम उसके रासायनिक रूप, मात्रा और संपर्क मार्ग पर निर्भर करते हैं। शुद्ध तत्व, उसके आयन और यौगिकों के जैविक तथा पर्यावरणीय प्रभाव अलग हो सकते हैं, इसलिए वास्तविक पदार्थ की सुरक्षा जानकारी देखना आवश्यक है।