जीवित तंत्रों के अणु
कार्बन प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, न्यूक्लिक अम्ल और असंख्य जैविक यौगिकों का आणविक ढाँचा बनाता है।
कार्बन परमाणु क्रमांक 6 और प्रतीक C वाला रासायनिक तत्व है। यह आवर्त 2, समूह 14, p-ब्लॉक में स्थित है। कमरे के तापमान पर इसकी संदर्भ अवस्था ठोस है और इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास [He] 2s2 2p2 है।
कार्बन की रासायनिक प्रकृति मुख्यतः उसके संयोजक इलेक्ट्रॉनों और आवर्त सारणी में उसकी स्थिति से निर्धारित होती है। इलेक्ट्रॉन विन्यास [He] 2s2 2p2 बंधन, सामान्य ऑक्सीकरण अवस्थाओं और निकटवर्ती तत्वों से समानताओं को समझने का आधार देता है।
इलेक्ट्रॉन खोने, ग्रहण करने या साझा करने पर कार्बन अलग-अलग आयन और यौगिक बना सकता है। समूह 14 तथा p ब्लॉक की स्थिति इसके आकार, आयनीकरण ऊर्जा और बंधन व्यवहार के आवर्ती रुझानों से तुलना करने में उपयोगी है।
कार्बन अपनी इलेक्ट्रॉनिक संरचना और रासायनिक वातावरण के अनुसार अलग-अलग पदार्थ बनाता है। ऑक्साइड, हैलाइड, हाइड्राइड, मिश्रधातुएँ या सहसंयोजक यौगिक महत्वपूर्ण हो सकते हैं; ऑक्सीकरण अवस्था बंधन, संरचना और अभिक्रियाशीलता को बदलती है।
कमरे के तापमान पर संदर्भ अवस्था ठोस है। सूचीबद्ध घनत्व 1.821 g/cm³ है। दाब, शुद्धता, क्रिस्टलीय संरचना और अपररूप मापे गए मानों को बदल सकते हैं, इसलिए भौतिक आँकड़ों के साथ मापन की परिस्थितियाँ भी महत्वपूर्ण होती हैं।
व्यवहार में कार्बन जीवित तंत्रों के अणु, ग्रेफाइट, हीरा और संयोजित पदार्थ जैसे क्षेत्रों में मिलता है। उपयोग की वास्तविक वजह शुद्ध तत्व, मिश्रधातु, यौगिक या किसी विशिष्ट समस्थानिक के गुण हो सकते हैं, इसलिए अनुप्रयोग समझते समय रासायनिक रूप को पहचानना जरूरी है।
कार्बन प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, न्यूक्लिक अम्ल और असंख्य जैविक यौगिकों का आणविक ढाँचा बनाता है।
कार्बन ग्रेफाइट की परतदार संरचना बनाता है; परतों के बीच कमजोर आकर्षण इसे स्नेहक, इलेक्ट्रोड और लेखन सामग्री में उपयोगी बनाता है।
कार्बन हीरे की परमाणवीय जालक का मूल तत्व है; यह संरचना असाधारण कठोरता, उच्च तापीय चालकता और विशिष्ट प्रकाशीय गुण देती है।
कार्बन वाले रेशे, कण या यौगिक संयोजित पदार्थों में मजबूती, कठोरता, ताप सहनशीलता या कम भार जैसे गुण जोड़ते हैं।
कार्बन आवर्त 2 और समूह 14 में स्थित है। इसके आसपास बोरॉन, नाइट्रोजन, एल्युमिनियम जैसे वास्तविक पड़ोसी तत्व हैं। इनसे तुलना करके परमाणु आकार, आयनीकरण ऊर्जा, बंधन और अभिक्रियाशीलता के आवर्ती रुझानों को सीधे देखा जा सकता है।
जहाँ लागू हो, ये मान तत्व या उदासीन परमाणु का वर्णन करते हैं। भौतिक आँकड़े अपररूप, दाब, शुद्धता और मापन की परिस्थितियों पर निर्भर कर सकते हैं।
कार्बन की पहचान रसायन विज्ञान के विकास के दौरान उसके विशिष्ट भौतिक और रासायनिक गुणों के आधार पर हुई। आज इसकी पहचान परमाणु क्रमांक और परमाणु संरचना से निश्चित रूप से की जाती है।
कार्बन का मानक परमाणु भार [12.0096, 12.0116] के अंतराल के रूप में दिया जाता है। प्राकृतिक नमूनों में समस्थानिक अनुपात थोड़ा बदल सकता है, इसलिए एक अकेला दशमलव मान वास्तविक विविधता को छिपा देता।
कार्बन के समस्थानिकों में प्रोटॉन संख्या समान रहती है, इसलिए वे एक ही तत्व हैं, लेकिन न्यूट्रॉन संख्या और परमाणु द्रव्यमान अलग होते हैं। प्राकृतिक समस्थानिक अनुपात मानक परमाणु भार को प्रभावित कर सकता है।
कार्बन से जुड़े जोखिम उसके रासायनिक रूप, मात्रा और संपर्क मार्ग पर निर्भर करते हैं। शुद्ध तत्व, उसके आयन और यौगिकों के जैविक तथा पर्यावरणीय प्रभाव अलग हो सकते हैं, इसलिए वास्तविक पदार्थ की सुरक्षा जानकारी देखना आवश्यक है।