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समस्थानिक

मुख्य उत्तर. यह अवधारणा देखी और मापी जा सकने वाली घटनाओं को उनके कारण से जोड़ती है। पहले परिभाषा समझें, फिर देखें कि कौन-सी राशि बदलती है और किन परिस्थितियों से परिणाम प्रभावित होता है।

यह कैसे काम करता है?

यह अवधारणा देखी और मापी जा सकने वाली घटनाओं को उनके कारण से जोड़ती है। पहले परिभाषा समझें, फिर देखें कि कौन-सी राशि बदलती है और किन परिस्थितियों से परिणाम प्रभावित होता है।

समस्थानिकZ = const. ; N ≠ const.

मुख्य संबंध

ऊपर का संबंध मुख्य विचार को संक्षेप में दिखाता है। संख्याएँ रखने से पहले हर प्रतीक और इकाई का अर्थ पहचानें, ताकि गणना सही होने पर भी भौतिक अर्थ न बिगड़े।

उदाहरण से समझें

किसी वास्तविक उदाहरण में ज्ञात राशियाँ, अज्ञात राशि और इकाइयाँ अलग करें। गणना के बाद चिन्ह, परिमाण का क्रम और परिणाम की भौतिक संगति जाँचें।

Z = const. ; N ≠ const.

किसी वास्तविक उदाहरण में ज्ञात राशियाँ, अज्ञात राशि और इकाइयाँ अलग करें। गणना के बाद चिन्ह, परिमाण का क्रम और परिणाम की भौतिक संगति जाँचें।

सीमाएँ और सावधानियाँ

मॉडल और समीकरण वास्तविकता को सरल बनाते हैं। लागू होने की शर्तें और मान्यताएँ जाँचें; परिस्थितियाँ बदलने पर वही सूत्र हमेशा उपयुक्त नहीं होता।

त्वरित जाँच

① ऊपर का संबंध मुख्य विचार को संक्षेप में दिखाता है। संख्याएँ रखने से पहले हर प्रतीक और इकाई का अर्थ पहचानें, ताकि गणना सही होने पर भी भौतिक अर्थ न बिगड़े।

② मॉडल और समीकरण वास्तविकता को सरल बनाते हैं। लागू होने की शर्तें और मान्यताएँ जाँचें; परिस्थितियाँ बदलने पर वही सूत्र हमेशा उपयुक्त नहीं होता।

समस्थानिकों का Z समान, न्यूट्रॉन संख्या अलग होती है

एक ही तत्व के समस्थानिकों में प्रोटॉनों की संख्या और इसलिए परमाणु क्रमांक Z समान होता है, लेकिन न्यूट्रॉनों की संख्या तथा द्रव्यमान संख्या A अलग होती है। उदाहरण के लिए ¹⁴C में 6 प्रोटॉन और 8 न्यूट्रॉन हैं। न्यूट्रॉन बदलने से कार्बन कोई दूसरा तत्व नहीं बनता; तत्व बदलने के लिए प्रोटॉन संख्या बदलनी होगी।

आवर्त सारणी में दिया परमाणु द्रव्यमान सामान्यतः किसी एक समस्थानिक की द्रव्यमान संख्या नहीं है। यह निर्दिष्ट या प्रतिनिधि समस्थानिक संरचना के अनुसार वास्तविक समस्थानिक द्रव्यमानों का भारित औसत होता है। इसी कारण क्लोरीन का परमाणु द्रव्यमान लगभग 35.45 u है, 35 या 37 नहीं, क्योंकि प्राकृतिक क्लोरीन में मुख्यतः ³⁵Cl और ³⁷Cl अलग अनुपात में होते हैं।

समस्थानिक स्थिर या रेडियोधर्मी हो सकते हैं। नाभिकीय स्थिरता नाभिक के भीतर बलों और प्रोटॉन-न्यूट्रॉन संतुलन पर निर्भर करती है; इसे केवल संयोजक इलेक्ट्रॉनों से नहीं बताया जा सकता। रेडियोधर्मी क्षय नाभिकीय और सांख्यिकीय प्रक्रिया है, जबकि सामान्य रासायनिक अभिक्रिया इलेक्ट्रॉनों को पुनर्व्यवस्थित करती है।

उदासीन समस्थानिकों की इलेक्ट्रॉन संरचना लगभग समान होने से उनकी रसायनिकी बहुत मिलती-जुलती है। फिर भी द्रव्यमान का अंतर कंपन आवृत्ति और कुछ अभिक्रिया दरों को बदल सकता है। इसी समस्थानिक प्रभाव के कारण समस्थानिक अनुरेखक रसायन, जीवविज्ञान और भूविज्ञान में उपयोगी हैं।

N = A − Z¹²C : 6p+6n ¹⁴C : 6p+8n
न्यूट्रॉन A−Z से मिलते हैं; परमाणु द्रव्यमान समस्थानिक द्रव्यमानों का भारित औसत है।

हल सहित अभ्यास

¹⁴C में कितने न्यूट्रॉन हैं?

समाधान: कार्बन का Z=6, इसलिए N=14−6=8 न्यूट्रॉन।

क्लोरीन का परमाणु द्रव्यमान 35 या 37 क्यों नहीं है?

समाधान: यह प्राकृतिक समस्थानिकों के द्रव्यमान और उनकी प्रचुरता का भारित औसत है।

समस्थानिक और आयन में क्या अंतर है?

समाधान: समस्थानिक में न्यूट्रॉन संख्या बदलती है; आयन में इलेक्ट्रॉन संख्या। प्रोटॉन संख्या दोनों में वही रहती है।