नाभिकीय ऊर्जा
यूरेनियम नाभिकीय ईंधन चक्र, विखंडन या अन्य नाभिकीय ऊर्जा प्रणालियों के संचालन और अनुसंधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
यूरेनियम परमाणु क्रमांक 92 और प्रतीक U वाला रासायनिक तत्व है। यह आवर्त 7, समूह —, f-ब्लॉक में स्थित है। कमरे के तापमान पर इसकी संदर्भ अवस्था ठोस है और इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास [Rn] 5f3 6d1 7s2 है।
यूरेनियम की रसायनिकी में 5f, 6d और 7s कक्षक भाग लेते हैं। प्रारंभिक एक्टिनाइड कई ऑक्सीकरण अवस्थाएँ दिखा सकते हैं, जबकि भारी सदस्यों में +3 अवस्था अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
यूरेनियम का इलेक्ट्रॉन विन्यास [Rn] 5f3 6d1 7s2 है। सभी एक्टिनाइड रेडियोधर्मी होते हैं, इसलिए उनकी रसायनिकी को नाभिकीय स्थिरता, अर्धायु और क्षय-विधियों के साथ पढ़ना आवश्यक है।
यूरेनियम ऑक्साइड, हैलाइड और समन्वय यौगिक बना सकता है और कुछ एक्टिनाइड अनेक ऑक्सीकरण अवस्थाएँ दिखाते हैं। सभी समस्थानिक रेडियोधर्मी होने के कारण इसकी रसायनिकी रेडियोरसायन और नाभिकीय क्षय से जुड़ी रहती है।
कमरे के तापमान पर संदर्भ अवस्था ठोस है। सूचीबद्ध घनत्व 19.1 g/cm³ है। गलनांक 1 407 K (1 134 °C) है। क्वथनांक 4 404 K (4 131 °C) है। दाब, शुद्धता, क्रिस्टलीय संरचना और अपररूप मापे गए मानों को बदल सकते हैं, इसलिए भौतिक आँकड़ों के साथ मापन की परिस्थितियाँ भी महत्वपूर्ण होती हैं।
व्यवहार में यूरेनियम नाभिकीय ऊर्जा, काँच का रंग और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में मिलता है। उपयोग की वास्तविक वजह शुद्ध तत्व, मिश्रधातु, यौगिक या किसी विशिष्ट समस्थानिक के गुण हो सकते हैं, इसलिए अनुप्रयोग समझते समय रासायनिक रूप को पहचानना जरूरी है।
यूरेनियम नाभिकीय ईंधन चक्र, विखंडन या अन्य नाभिकीय ऊर्जा प्रणालियों के संचालन और अनुसंधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
यूरेनियम यौगिक दृश्य प्रकाश की चुनिंदा तरंगदैर्ध्य अवशोषित करके काँच को विशिष्ट रंग दे सकते हैं।
यूरेनियम का उत्पादन या मापन मुख्यतः परमाणु, नाभिकीय और आवर्ती रुझानों की जाँच के लिए अनुसंधान में किया जाता है; इसका बड़े पैमाने का व्यावसायिक उपयोग नहीं है।
यूरेनियम आवर्त 7 की f-ब्लॉक एक्टिनाइड श्रेणी में है। थोरियम और प्रोटैक्टिनियम जैसे पड़ोसी तत्वों से तुलना ऑक्सीकरण अवस्था, 5f इलेक्ट्रॉनों और नाभिकीय स्थिरता में बदलाव समझने में मदद करती है।
जहाँ लागू हो, ये मान तत्व या उदासीन परमाणु का वर्णन करते हैं। भौतिक आँकड़े अपररूप, दाब, शुद्धता और मापन की परिस्थितियों पर निर्भर कर सकते हैं।
यूरेनियम की खोज या पहचान का इतिहास Martin Heinrich Klaproth से जुड़ा है। किसी तत्व की पहली पहचान, शुद्ध नमूने का पृथक्करण और आधुनिक परमाणु क्रमांक का निर्धारण हमेशा एक ही समय पर नहीं हुआ।
यूरेनियम का मानक परमाणु भार 238.02891(3) है। यह प्राकृतिक स्थलीय पदार्थ में समस्थानिक संरचना का भारित औसत है, किसी एक परमाणु का द्रव्यमान नहीं।
यूरेनियम का कोई स्थिर समस्थानिक नहीं है। इसके समस्थानिक रेडियोधर्मी हैं, इसलिए अर्धायु और क्षय-विधि मापन, उपयोग और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।
यूरेनियम रेडियोधर्मी है। इसके साथ कार्य करते समय समस्थानिक, सक्रियता, विकिरण के प्रकार और रासायनिक रूप के अनुरूप विकिरण सुरक्षा नियंत्रण आवश्यक हैं।