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pH, अम्ल और क्षार

pH जलीय विलयन की अम्लता को एक लघुगणकीय पैमाने पर व्यक्त करता है। सटीक ऊष्मागतिक परिभाषा हाइड्रोजन आयन की सक्रियता पर आधारित है; तनु प्रारंभिक समस्याओं में इसे प्रायः हाइड्रोनियम सांद्रता से अनुमानित किया जाता है।

a(H⁺) बढ़ेpH घटे10× प्रति इकाई
pH रैखिक पैमाना नहीं है: एक pH इकाई का अंतर H⁺ सक्रियता में दस गुना अंतर दर्शाता है।

pH की परिभाषा और लघुगणक

ऊष्मागतिक रूप में pH = −log₁₀ a(H⁺)। तनु विलयन में अक्सर pH ≈ −log₁₀[H₃O⁺] लिखा जाता है, पर यह एक सांद्रता-आधारित सन्निकटन है। इसलिए pH 3 का विलयन pH 4 की तुलना में लगभग दस गुना अधिक H⁺ सक्रियता रखता है, सौ गुना नहीं बल्कि pH 5 की तुलना में लगभग सौ गुना।

लघुगणक के कारण औसत निकालते समय सावधानी चाहिए। pH मानों का साधारण अंकगणितीय औसत सामान्यतः मिश्रण का pH नहीं देता; पदार्थ-मात्रा, आयतन, संतुलन और कभी-कभी सक्रियता गुणांक को पहले संभालना पड़ता है।

अम्ल, क्षार और संयुग्मी युग्म

ब्रॉन्स्टेड–लोवरी मॉडल में अम्ल प्रोटॉन देता और क्षार प्रोटॉन स्वीकार करता है। HA ⇌ H⁺ + A⁻ में HA और A⁻ एक संयुग्मी युग्म हैं। पानी दोनों भूमिकाएँ निभा सकता है: HCl के साथ क्षार और NH₃ के साथ अम्ल की तरह।

मज़बूत अम्ल का अर्थ उच्च सांद्रता नहीं है। 'मज़बूत' आयनीकरण की सीमा बताता है; 'सांद्र' प्रति आयतन पदार्थ-मात्रा बताता है। बहुत तनु मज़बूत अम्ल का pH अधिक सांद्र कमज़ोर अम्ल से ऊँचा हो सकता है।

pH कैलकुलेटर

pH:

जल का स्व-आयनीकरण और pOH

25 °C पर K_w ≈ 1.0 × 10⁻¹⁴ और आदर्श तनु सन्निकटन में pH + pOH ≈ 14.00। यह संख्या तापमान पर निर्भर है; 14.00 को हर तापमान पर सार्वभौमिक स्थिरांक न मानें।

बहुत तनु अम्ल या क्षार में स्वयं पानी का योगदान उपेक्षित नहीं किया जा सकता। उदाहरण के लिए 10⁻⁸ mol L⁻¹ HCl के लिए केवल pH = 8 लिख देना भौतिक रूप से गलत होगा; जल संतुलन को साथ हल करना पड़ता है।

कमज़ोर अम्ल, Kₐ और बफर

कमज़ोर अम्ल के लिए Kₐ = a(H⁺)a(A⁻)/a(HA)। जितना बड़ा Kₐ, उतना अधिक आयनीकरण; pKₐ = −log₁₀Kₐ होने से छोटा pKₐ सामान्यतः अधिक मज़बूत अम्ल से जुड़ा है।

बफर तब प्रभावी होता है जब कमज़ोर अम्ल और उसका संयुग्मी क्षार दोनों पर्याप्त मात्रा में हों। Henderson–Hasselbalch संबंध pH ≈ pKₐ + log([A⁻]/[HA]) उपयोगी है, लेकिन अत्यधिक तनु, उच्च आयनिक शक्ति या अनुपयुक्त अनुपात में इसकी सीमाएँ हैं।

गणना में सामान्य जाँच

मज़बूत अम्ल/क्षार की पूर्ण आयनीकरण धारणा लगाने से पहले रासायनिक प्रजाति पहचानें, तापमान नोट करें और इकाइयाँ mol L⁻¹ में रखें। लघुगणक लेने से पहले मात्रा आयामरहित मानक अवस्था से जुड़ी होनी चाहिए; पाठ्यपुस्तक गणना में यह अक्सर सांद्रता अनुपात में छिपा रहता है।

जाँच और गहराई

काँच इलेक्ट्रोड वाला pH मीटर किसी एक आयन की साधारण सांद्रता सीधे नहीं पढ़ता; उसका विभव H⁺ सक्रियता से संबंधित होता है और उपकरण को ज्ञात बफर से कैलिब्रेट किया जाता है। तापमान इलेक्ट्रोड प्रतिक्रिया और स्वयं K_w दोनों को प्रभावित करता है, इसलिए उच्च-सटीकता मापन में तापमान क्षतिपूर्ति और नमूने की आयनिक शक्ति महत्वपूर्ण हैं। अत्यधिक सांद्र अम्ल में pH ऋणात्मक और अत्यधिक क्षारीय विलयन में 14 से अधिक भी हो सकता है; 0–14 केवल सामान्य तनु जलीय परिस्थितियों की परिचित सीमा है, गणितीय परिभाषा की कठोर सीमा नहीं।

अम्ल HAH⁺ दातासंयुग्मी क्षार A⁻
ब्रॉन्स्टेड–लोवरी अम्ल–क्षार हमेशा संयुग्मी युग्मों में समझे जा सकते हैं।

अभ्यास

मज़बूत अम्ल

2.0 × 10⁻³ mol L⁻¹ HCl, पूर्ण आयनीकरण मानें।

हल: [H₃O⁺] ≈ 2.0 × 10⁻³, इसलिए pH ≈ 2.70।

मज़बूत क्षार

25 °C पर 4.0 × 10⁻⁵ mol L⁻¹ NaOH।

हल: pOH ≈ 4.40 और pH ≈ 14.00 − 4.40 = 9.60।

बफर अनुपात

pKₐ = 4.76 और [A⁻]=[HA]।

हल: log(1)=0, इसलिए Henderson–Hasselbalch से pH ≈ 4.76।