रासायनिक तत्व · संदर्भ पृष्ठ
79Au

सोना

सोना परमाणु क्रमांक 79 और प्रतीक Au वाला रासायनिक तत्व है। यह आवर्त 6, समूह 11, d-ब्लॉक में स्थित है। कमरे के तापमान पर इसकी संदर्भ अवस्था ठोस है और इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास [Xe] 4f14 5d10 6s1 है।

परमाणु क्रमांक79
मानक परमाणु भार196.966570(4)
समूह11
आवर्त6
ब्लॉकd
इलेक्ट्रॉन विन्यास[Xe] 4f14 5d10 6s1
इलेक्ट्रॉनिक संरचना

इसकी रसायनिकी को क्या नियंत्रित करता है?

सोना की रसायनिकी में d उपकक्षा के इलेक्ट्रॉन सीधे भाग लेते हैं। s और d इलेक्ट्रॉनों की निकट ऊर्जा के कारण संक्रमण धातुओं में अनेक ऑक्सीकरण अवस्थाएँ, समन्वय यौगिक और उत्प्रेरक व्यवहार सामान्य हैं।

सोना का इलेक्ट्रॉन विन्यास [Xe] 4f14 5d10 6s1 है। यौगिक बनने पर d कक्षकों की भरावट बदल सकती है, जिससे रंग, चुंबकत्व, बंधन और अभिक्रियाशीलता में स्पष्ट परिवर्तन आते हैं।

रासायनिक रूप

यौगिक, आयन और पदार्थ

सोना के महत्वपूर्ण रूपों में धातु, मिश्रधातुएँ, ऑक्साइड, हैलाइड और समन्वय यौगिक शामिल हैं। s और d इलेक्ट्रॉनों की निकट ऊर्जा अनेक ऑक्सीकरण अवस्थाओं को संभव बनाती है और लिगैंड रंग, चुंबकत्व तथा अभिक्रियाशीलता बदल सकते हैं।

भौतिक व्यवहार

अवस्था और अवस्था परिवर्तन

कमरे के तापमान पर संदर्भ अवस्था ठोस है। सूचीबद्ध घनत्व 19.3 g/cm³ है। गलनांक 1 337 K (1 064 °C) है। क्वथनांक 3 243 K (2 970 °C) है। दाब, शुद्धता, क्रिस्टलीय संरचना और अपररूप मापे गए मानों को बदल सकते हैं, इसलिए भौतिक आँकड़ों के साथ मापन की परिस्थितियाँ भी महत्वपूर्ण होती हैं।

उपस्थिति और उपयोग

सोना कहाँ मिलता है और कैसे उपयोग होता है?

व्यवहार में सोना आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक्स और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में मिलता है। उपयोग की वास्तविक वजह शुद्ध तत्व, मिश्रधातु, यौगिक या किसी विशिष्ट समस्थानिक के गुण हो सकते हैं, इसलिए अनुप्रयोग समझते समय रासायनिक रूप को पहचानना जरूरी है।

व्यावहारिक उदाहरण

वास्तविक उपयोगों के उदाहरण

आभूषण

सोना का उपयोग आभूषणों में उसके रंग, चमक, कार्यशीलता और संक्षारण प्रतिरोध जैसे गुणों के कारण किया जाता है।

इलेक्ट्रॉनिक्स

सोना इलेक्ट्रॉनिक घटकों और पदार्थों में चालकता, अर्धचालक व्यवहार, संपर्क स्थिरता या सूक्ष्म निर्माण गुणों के कारण उपयोगी है।

अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी

सोना की विशेष मिश्रधातु, नाभिकीय, तापीय या इलेक्ट्रॉनिक विशेषताएँ अंतरिक्ष उपकरणों और अभियानों में उपयोगी हो सकती हैं।

आवर्त स्थिति

पड़ोसी तत्व क्या बताते हैं?

सोना आवर्त 6 और समूह 11 में स्थित है। इसके आसपास पैलेडियम, चाँदी, कैडमियम जैसे वास्तविक पड़ोसी तत्व हैं। इनसे तुलना करके परमाणु आकार, आयनीकरण ऊर्जा, बंधन और अभिक्रियाशीलता के आवर्ती रुझानों को सीधे देखा जा सकता है।

संदर्भ आँकड़े

भौतिक और परमाणवीय गुण

वर्गीकरणसंक्रमण धातु
कमरे के तापमान पर अवस्थाठोस
इलेक्ट्रॉन आवरण2 · 8 · 18 · 32 · 18 · 1
घनत्व19.3 g/cm³
गलनांक1 337 K (1 064 °C)
क्वथनांक3 243 K (2 970 °C)
पॉलिंग विद्युतऋणात्मकता2.54
प्रथम आयनीकरण ऊर्जा890.1 kJ/mol
इलेक्ट्रॉन बंधुता222.7 kJ/mol

जहाँ लागू हो, ये मान तत्व या उदासीन परमाणु का वर्णन करते हैं। भौतिक आँकड़े अपररूप, दाब, शुद्धता और मापन की परिस्थितियों पर निर्भर कर सकते हैं।

इतिहास

खोज और पहचान

सोना की पहचान रसायन विज्ञान के विकास के दौरान उसके विशिष्ट भौतिक और रासायनिक गुणों के आधार पर हुई। आज इसकी पहचान परमाणु क्रमांक और परमाणु संरचना से निश्चित रूप से की जाती है।

समस्थानिक और परमाणु भार

समस्थानिक संरचना संख्याओं को कैसे बदलती है?

सोना का मानक परमाणु भार 196.966570(4) है। यह प्राकृतिक स्थलीय पदार्थ में समस्थानिक संरचना का भारित औसत है, किसी एक परमाणु का द्रव्यमान नहीं।

सोना के समस्थानिकों में प्रोटॉन संख्या समान रहती है, इसलिए वे एक ही तत्व हैं, लेकिन न्यूट्रॉन संख्या और परमाणु द्रव्यमान अलग होते हैं। प्राकृतिक समस्थानिक अनुपात मानक परमाणु भार को प्रभावित कर सकता है।

सुरक्षा

संचालन और संपर्क

सोना से जुड़े जोखिम उसके रासायनिक रूप, मात्रा और संपर्क मार्ग पर निर्भर करते हैं। शुद्ध तत्व, उसके आयन और यौगिकों के जैविक तथा पर्यावरणीय प्रभाव अलग हो सकते हैं, इसलिए वास्तविक पदार्थ की सुरक्षा जानकारी देखना आवश्यक है।