आतिशबाज़ी
स्ट्रॉन्शियम के यौगिक गर्म किए जाने पर विशिष्ट रंग, चिंगारी या ऊर्जावान प्रभाव दे सकते हैं, इसलिए कुछ आतिशबाज़ी मिश्रणों में उपयोग होते हैं।
स्ट्रॉन्शियम परमाणु क्रमांक 38 और प्रतीक Sr वाला रासायनिक तत्व है। यह आवर्त 5, समूह 2, s-ब्लॉक में स्थित है। कमरे के तापमान पर इसकी संदर्भ अवस्था ठोस है और इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास [Kr] 5s2 है।
स्ट्रॉन्शियम के संयोजक आवरण में दो इलेक्ट्रॉन होते हैं, इसलिए इसके यौगिकों में +2 ऑक्सीकरण अवस्था सबसे सामान्य है। यह संरचना क्षारीय मृदा धातुओं के लवणों, ऑक्साइडों और अम्लों या जल के साथ उनकी अभिक्रियाओं को समझने में मदद करती है।
स्ट्रॉन्शियम का इलेक्ट्रॉन विन्यास [Kr] 5s2 है। बाहरी इलेक्ट्रॉन समूह में परमाणु त्रिज्या, आयनीकरण ऊर्जा और आयनिक बंधन की शक्ति के आवर्ती रुझानों को नियंत्रित करते हैं।
स्ट्रॉन्शियम प्रायः आयनिक यौगिकों—जैसे ऑक्साइड, हाइड्रॉक्साइड, हैलाइड, कार्बोनेट या सल्फेट—में मिलता है। मुक्त धातु अधिक अभिक्रियाशील होती है, इसलिए प्रकृति में इसकी उपस्थिति स्थिर आयनों और यौगिकों से जुड़ी रहती है।
कमरे के तापमान पर संदर्भ अवस्था ठोस है। सूचीबद्ध घनत्व 2.64 g/cm³ है। गलनांक 1 041 K (767.9 °C) है। क्वथनांक 1 650 K (1 377 °C) है। दाब, शुद्धता, क्रिस्टलीय संरचना और अपररूप मापे गए मानों को बदल सकते हैं, इसलिए भौतिक आँकड़ों के साथ मापन की परिस्थितियाँ भी महत्वपूर्ण होती हैं।
व्यवहार में स्ट्रॉन्शियम आतिशबाज़ी, चुंबक और चिकित्सीय उपयोग जैसे क्षेत्रों में मिलता है। उपयोग की वास्तविक वजह शुद्ध तत्व, मिश्रधातु, यौगिक या किसी विशिष्ट समस्थानिक के गुण हो सकते हैं, इसलिए अनुप्रयोग समझते समय रासायनिक रूप को पहचानना जरूरी है।
स्ट्रॉन्शियम के यौगिक गर्म किए जाने पर विशिष्ट रंग, चिंगारी या ऊर्जावान प्रभाव दे सकते हैं, इसलिए कुछ आतिशबाज़ी मिश्रणों में उपयोग होते हैं।
स्ट्रॉन्शियम का उपयोग ऐसे चुंबकीय पदार्थों में किया जाता है जहाँ मजबूत, स्थिर या उच्च तापमान सहने वाला चुंबकत्व चाहिए।
स्ट्रॉन्शियम का उपयोग प्रत्यारोपण पदार्थों में तब किया जाता है जब संक्षारण प्रतिरोध, मजबूती और जैव-अनुकूलता महत्वपूर्ण हों।
स्ट्रॉन्शियम आवर्त 5 और समूह 2 में स्थित है। इसके आसपास पोटैशियम, कैल्शियम, स्कैंडियम जैसे वास्तविक पड़ोसी तत्व हैं। इनसे तुलना करके परमाणु आकार, आयनीकरण ऊर्जा, बंधन और अभिक्रियाशीलता के आवर्ती रुझानों को सीधे देखा जा सकता है।
जहाँ लागू हो, ये मान तत्व या उदासीन परमाणु का वर्णन करते हैं। भौतिक आँकड़े अपररूप, दाब, शुद्धता और मापन की परिस्थितियों पर निर्भर कर सकते हैं।
स्ट्रॉन्शियम की खोज या पहचान का इतिहास William Cruickshank (chemist) से जुड़ा है। किसी तत्व की पहली पहचान, शुद्ध नमूने का पृथक्करण और आधुनिक परमाणु क्रमांक का निर्धारण हमेशा एक ही समय पर नहीं हुआ।
स्ट्रॉन्शियम का मानक परमाणु भार 87.62(1) है। यह प्राकृतिक स्थलीय पदार्थ में समस्थानिक संरचना का भारित औसत है, किसी एक परमाणु का द्रव्यमान नहीं।
स्ट्रॉन्शियम के समस्थानिकों में प्रोटॉन संख्या समान रहती है, इसलिए वे एक ही तत्व हैं, लेकिन न्यूट्रॉन संख्या और परमाणु द्रव्यमान अलग होते हैं। प्राकृतिक समस्थानिक अनुपात मानक परमाणु भार को प्रभावित कर सकता है।
स्ट्रॉन्शियम से जुड़े जोखिम उसके रासायनिक रूप, मात्रा और संपर्क मार्ग पर निर्भर करते हैं। शुद्ध तत्व, उसके आयन और यौगिकों के जैविक तथा पर्यावरणीय प्रभाव अलग हो सकते हैं, इसलिए वास्तविक पदार्थ की सुरक्षा जानकारी देखना आवश्यक है।