वेल्डिंग
आर्गन वेल्डिंग में इलेक्ट्रोड, संरक्षक वातावरण, फ्लक्स या मिश्रधातु घटक के रूप में जोड़ की गुणवत्ता और ऑक्सीकरण नियंत्रण में भूमिका निभा सकता है।
आर्गन परमाणु क्रमांक 18 और प्रतीक Ar वाला रासायनिक तत्व है। यह आवर्त 3, समूह 18, p-ब्लॉक में स्थित है। कमरे के तापमान पर इसकी संदर्भ अवस्था गैस है और इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास [Ne] 3s2 3p6 है।
आर्गन का संयोजक आवरण पूर्ण या लगभग पूर्ण है, इसलिए यह अधिकांश तत्वों की तुलना में कम अभिक्रियाशील होता है। भारी उत्कृष्ट गैसें उपयुक्त परिस्थितियों में कुछ यौगिक बना सकती हैं, लेकिन उनकी रसायनिकी सीमित रहती है।
आर्गन का इलेक्ट्रॉन विन्यास [Ne] 3s2 3p6 है। समूह 18 की स्थिति कम रासायनिक अभिक्रियाशीलता को समझने का पहला संकेत देती है, हालांकि अति-भारी तत्वों में सापेक्षिक प्रभाव महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
आर्गन सामान्यतः स्वतंत्र परमाणुओं के रूप में पाया जाता है और इसकी अभिक्रियाशीलता कम होती है। भारी उत्कृष्ट गैसें अत्यधिक विद्युतऋणात्मक तत्वों के साथ सीमित संख्या में यौगिक बना सकती हैं।
कमरे के तापमान पर संदर्भ अवस्था गैस है। सूचीबद्ध घनत्व 1.784 g/L है। गलनांक 83.81 K (-189.3 °C) है। क्वथनांक 87.3 K (-185.8 °C) है। दाब, शुद्धता, क्रिस्टलीय संरचना और अपररूप मापे गए मानों को बदल सकते हैं, इसलिए भौतिक आँकड़ों के साथ मापन की परिस्थितियाँ भी महत्वपूर्ण होती हैं।
व्यवहार में आर्गन वेल्डिंग, प्रकाश व्यवस्था और निष्क्रिय वातावरण जैसे क्षेत्रों में मिलता है। उपयोग की वास्तविक वजह शुद्ध तत्व, मिश्रधातु, यौगिक या किसी विशिष्ट समस्थानिक के गुण हो सकते हैं, इसलिए अनुप्रयोग समझते समय रासायनिक रूप को पहचानना जरूरी है।
आर्गन वेल्डिंग में इलेक्ट्रोड, संरक्षक वातावरण, फ्लक्स या मिश्रधातु घटक के रूप में जोड़ की गुणवत्ता और ऑक्सीकरण नियंत्रण में भूमिका निभा सकता है।
आर्गन के परमाणु, आयन या यौगिक विद्युत उत्तेजना पर विशिष्ट प्रकाश उत्सर्जित करते हैं और इसलिए प्रकाश स्रोतों में उपयोग हो सकते हैं।
आर्गन कम अभिक्रियाशील गैसीय वातावरण प्रदान कर सकता है, जिससे वेल्डिंग, धातु प्रसंस्करण या संवेदनशील रासायनिक प्रक्रियाएँ हवा से सुरक्षित रहती हैं।
आर्गन आवर्त 3 और समूह 18 में स्थित है। इसके आसपास फ्लोरीन, निऑन, क्लोरीन जैसे वास्तविक पड़ोसी तत्व हैं। इनसे तुलना करके परमाणु आकार, आयनीकरण ऊर्जा, बंधन और अभिक्रियाशीलता के आवर्ती रुझानों को सीधे देखा जा सकता है।
जहाँ लागू हो, ये मान तत्व या उदासीन परमाणु का वर्णन करते हैं। भौतिक आँकड़े अपररूप, दाब, शुद्धता और मापन की परिस्थितियों पर निर्भर कर सकते हैं।
आर्गन की खोज या पहचान का इतिहास Lord Rayleigh से जुड़ा है। किसी तत्व की पहली पहचान, शुद्ध नमूने का पृथक्करण और आधुनिक परमाणु क्रमांक का निर्धारण हमेशा एक ही समय पर नहीं हुआ।
आर्गन का मानक परमाणु भार [39.792, 39.963] के अंतराल के रूप में दिया जाता है। प्राकृतिक नमूनों में समस्थानिक अनुपात थोड़ा बदल सकता है, इसलिए एक अकेला दशमलव मान वास्तविक विविधता को छिपा देता।
आर्गन के समस्थानिकों में प्रोटॉन संख्या समान रहती है, इसलिए वे एक ही तत्व हैं, लेकिन न्यूट्रॉन संख्या और परमाणु द्रव्यमान अलग होते हैं। प्राकृतिक समस्थानिक अनुपात मानक परमाणु भार को प्रभावित कर सकता है।
आर्गन और उसके कुछ यौगिक विषैले हो सकते हैं। जोखिम रासायनिक रूप, मात्रा और संपर्क मार्ग पर निर्भर करता है, इसलिए वास्तविक पदार्थ के लिए उपयुक्त सुरक्षा डेटा का पालन करना चाहिए।