वैज्ञानिक अनुसंधान
रेडियम का उत्पादन या मापन मुख्यतः परमाणु, नाभिकीय और आवर्ती रुझानों की जाँच के लिए अनुसंधान में किया जाता है; इसका बड़े पैमाने का व्यावसायिक उपयोग नहीं है।
रेडियम परमाणु क्रमांक 88 और प्रतीक Ra वाला रासायनिक तत्व है। यह आवर्त 7, समूह 2, s-ब्लॉक में स्थित है। कमरे के तापमान पर इसकी संदर्भ अवस्था ठोस है और इसका इलेक्ट्रॉन विन्यास [Rn] 7s2 है।
रेडियम के संयोजक आवरण में दो इलेक्ट्रॉन होते हैं, इसलिए इसके यौगिकों में +2 ऑक्सीकरण अवस्था सबसे सामान्य है। यह संरचना क्षारीय मृदा धातुओं के लवणों, ऑक्साइडों और अम्लों या जल के साथ उनकी अभिक्रियाओं को समझने में मदद करती है।
रेडियम का इलेक्ट्रॉन विन्यास [Rn] 7s2 है। बाहरी इलेक्ट्रॉन समूह में परमाणु त्रिज्या, आयनीकरण ऊर्जा और आयनिक बंधन की शक्ति के आवर्ती रुझानों को नियंत्रित करते हैं।
रेडियम प्रायः आयनिक यौगिकों—जैसे ऑक्साइड, हाइड्रॉक्साइड, हैलाइड, कार्बोनेट या सल्फेट—में मिलता है। मुक्त धातु अधिक अभिक्रियाशील होती है, इसलिए प्रकृति में इसकी उपस्थिति स्थिर आयनों और यौगिकों से जुड़ी रहती है।
कमरे के तापमान पर संदर्भ अवस्था ठोस है। सूचीबद्ध घनत्व 5.0g/cm³ है। गलनांक 1 233 K (959.9 °C) है। क्वथनांक 1 773K (1 737 °C) है। दाब, शुद्धता, क्रिस्टलीय संरचना और अपररूप मापे गए मानों को बदल सकते हैं, इसलिए भौतिक आँकड़ों के साथ मापन की परिस्थितियाँ भी महत्वपूर्ण होती हैं।
व्यवहार में रेडियम वैज्ञानिक अनुसंधान, इतिहास और चिकित्सा का इतिहास जैसे क्षेत्रों में मिलता है। उपयोग की वास्तविक वजह शुद्ध तत्व, मिश्रधातु, यौगिक या किसी विशिष्ट समस्थानिक के गुण हो सकते हैं, इसलिए अनुप्रयोग समझते समय रासायनिक रूप को पहचानना जरूरी है।
रेडियम का उत्पादन या मापन मुख्यतः परमाणु, नाभिकीय और आवर्ती रुझानों की जाँच के लिए अनुसंधान में किया जाता है; इसका बड़े पैमाने का व्यावसायिक उपयोग नहीं है।
रेडियम का ऐतिहासिक महत्व उसकी खोज, शुरुआती औद्योगिक उपयोग, चिकित्सा प्रयोग या रसायन विज्ञान के विकास से जुड़ा हो सकता है।
रेडियम के कुछ यौगिक या रेडियोधर्मी रूप चिकित्सा इतिहास में उपचार या निदान के लिए उपयोग किए गए, हालांकि आधुनिक सुरक्षा मानक कई पुराने उपयोगों को सीमित करते हैं।
रेडियम आवर्त 7 और समूह 2 में स्थित है। इसके आसपास सीज़ियम, बेरियम, फ्रांसियम जैसे वास्तविक पड़ोसी तत्व हैं। इनसे तुलना करके परमाणु आकार, आयनीकरण ऊर्जा, बंधन और अभिक्रियाशीलता के आवर्ती रुझानों को सीधे देखा जा सकता है।
जहाँ लागू हो, ये मान तत्व या उदासीन परमाणु का वर्णन करते हैं। भौतिक आँकड़े अपररूप, दाब, शुद्धता और मापन की परिस्थितियों पर निर्भर कर सकते हैं।
रेडियम की खोज या पहचान का इतिहास Pierre Curie से जुड़ा है। किसी तत्व की पहली पहचान, शुद्ध नमूने का पृथक्करण और आधुनिक परमाणु क्रमांक का निर्धारण हमेशा एक ही समय पर नहीं हुआ।
रेडियम का कोई मानक परमाणु भार नहीं है, क्योंकि ऐसा स्थिर प्राकृतिक समस्थानिक मिश्रण उपलब्ध नहीं है जिससे एक प्रतिनिधि औसत निकाला जा सके।
रेडियम का कोई स्थिर समस्थानिक नहीं है। इसके समस्थानिक रेडियोधर्मी हैं, इसलिए अर्धायु और क्षय-विधि मापन, उपयोग और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।
रेडियम रेडियोधर्मी है। इसके साथ कार्य करते समय समस्थानिक, सक्रियता, विकिरण के प्रकार और रासायनिक रूप के अनुरूप विकिरण सुरक्षा नियंत्रण आवश्यक हैं।